ब्र. भूरामलजी (आचार्य ज्ञानसागरजी) का स्पष्ट मन्तव्य : प्रथम भद्रबाहु ही श्री कुन्दकुन्द के भी गुरु
Sarvodaya Ahimsa
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सूचना
आइए! आचार्य कुन्दकुन्ददेव के समय-निर्धारण के सम्बन्ध में ब्र. भूरामलजी (आचार्य विद्यासागरजी के गुरू आचार्य ज्ञानसागरजी) के मन्तव्य (अर्थात् जब चन्द्रगुप्त के गुरु प्रथम भद्रबाहु हैं तो वे ही श्री कुन्दकुन्द के भी गुरु होते हैं*) के आधार पर *डॉ राकेश जैन शास्त्री, नागपुर का व्याख्यान सर्वोदय अहिंसा चैनल पर आज अभी प्रातः 9:00 बजे से प्रारंभ होगा, आप सभी सादर आमंत्रित हैं...
/ sarvodayahinsa
आचार्य कुन्दकुन्ददेव के समय-निर्धारण* के सम्बन्ध में ब्र. भूरामलजी के मन्तव्य (अर्थात् *प्रथम भद्रबाहु ही श्री कुन्दकुन्द के भी गुरु*)