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|| राधा राधा बोलो तुम ||

Mayur kale

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|| राधा राधा बोलो तुम ||

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Mayur kale
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राधा राधा बोलो तुम, श्याम मिलेंगे प्यारे, प्रेम से उनका नाम जो ले, भाग्य चमकें सारे। राधा राधा बोलो तुम, मन में प्रेम जगाओ, राधा रानी के चरणों में, अपना शीश झुकाओ। राधे राधे… राधे राधे… गूँजे नाम तुम्हारा, राधे राधे… राधे राधे… तू ही एक सहारा। [अंतरा 1 – बाँसुरी की मधुर धुन] बरसाने की गलियों में, प्रेम की गंगा बहती, राधा रानी के मुखड़े पर, खुशियों की ज्योति रहती। वृंदावन की कुंज गलिन में, श्याम मुरलिया बजाएँ, राधा नाम की धुन सुनकर, भक्त मगन हो जाएँ। जिसने राधा नाम पुकारा, उसका जीवन सँवरा, राधा रानी की कृपा से, दूर हुआ दुख सारा। [मुखड़ा – कोरस के साथ] राधा राधा बोलो तुम, श्याम मिलेंगे प्यारे, प्रेम से उनका नाम जो ले, भाग्य चमकें सारे। राधे राधे बोलो रे, मन से राधे बोलो, श्याम मिलेंगे प्रेम से तुमको, प्रेम का दीपक खोलो। [अंतरा 2 – भावपूर्ण संगीत] माथे ऊपर मोर मुकुट है, हाथों में मुरलिया, श्याम खड़े हैं यमुना तट पर, संग राधा साँवरिया। राधा के नयनों में श्याम हैं, श्याम के मन में राधा, दोनों के इस प्रेम से रोशन, जग की हर एक बाधा। प्रेम न माँगे महल अटारी, प्रेम न माँगे माया, राधा नाम की दौलत जिसने, उसने सब कुछ पाया। [अंतरा 3 – भावुक और शांत स्वर] जब भी मन बेचैन हो जाए, राधे नाम सुनाना, दुख की काली रात में मैया, प्रेम का दीप जलाना। टूटे मन को जोड़ने वाली, राधा नाम की माला, तेरी कृपा से राधे मैया, जीवन हो उजियाला। तेरे चरणों में राधे मैया, इतनी विनती हमारी, जन्म-जन्म तक बनी रहे माँ, भक्ति तेरी प्यारी। [अंतरा 4 – संगीत में धीरे-धीरे ऊर्जा बढ़े] ना मैं माँगूँ सोना-चाँदी, ना माँगूँ धन-दौलत, राधे तेरी भक्ति मिल जाए, यही मेरी है चाहत। सुबह-सुबह जब आँख खुले तो, तेरा नाम मैं गाऊँ, साँझ ढले जब दीप जलाऊँ, राधे तुझे बुलाऊँ। मेरी साँसों में राधे राधे, धड़कन में घनश्याम, जीवन की हर राह पे मैया, जपता रहूँ तेरा नाम। [फाइनल मुखड़ा – भव्य कोरस और मंजीरे] राधा राधा बोलो तुम, श्याम मिलेंगे प्यारे, प्रेम से उनका नाम जो ले, भाग्य चमकें सारे। राधा राधा बोलो तुम, मन में प्रेम जगाओ, राधा रानी के चरणों में, अपना शीश झुकाओ। राधे राधे! राधे राधे! जय श्री राधे श्याम! राधे राधे! राधे राधे! जय श्री राधे श्याम! [आउट्रो – बाँसुरी और मंदिर की घंटियाँ] राधे… राधे… राधे… राधे… बरसाने वाली राधे रानी, तेरे चरणों में चारों धाम… गीतकार: MK Writer