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30-10-26 प्रातः रत्नकरण्डक श्रावकाचार ग्रंथ स्वाध्याय, मुनि श्री विनीत सागर जी महाराज भोपाल

samaysagarm | acharya shri 108 samaysagar ji

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30-10-26 प्रातः रत्नकरण्डक श्रावकाचार ग्रंथ स्वाध्याय, मुनि श्री विनीत सागर जी महाराज भोपाल

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30-10-26 प्रातः रत्नकरण्डक श्रावकाचार ग्रंथ स्वाध्याय, मुनि श्री विनीत सागर जी महाराज भोपाल इतिहास के पन्नों पर जैन संत परंपरा के तेजस्वी नक्षत्रों में एक नाम अपार श्रद्धा और गौरव से लिया जाएगा —आचार्य भगवंत श्री विद्यासागर जी महाराज का। उनके तप, त्याग, संयम और दिव्य वाणी ने मानव समाज को धर्म, आत्मसंयम और अहिंसा का मार्ग दिखाया। आज उसी तेज, उसी करुणा और दिव्यता की छवि रूप में विद्याशिरोमणि आचार्य श्री समयसागर जी महाराज विराजमान हैं, जिनकी वाणी में गुरुदेव की गूंज और देशना में वही करुणा व जागृति झलकती है उनका सम्पूर्ण जीवन गुरुदेव की साधना आत्मकल्याण की ज्योति जलाते हुए और जन-जन को आत्मा के प्रकाश से जोड़ते हैं। ‘समयसागरम’ का उद्देश्य है—गुरुदेव की पवित्र वाणी और आशीर्वाद को हर हृदय तक पहुँचाना। यह चैनल आचार्य श्री समयसागर जी महाराज के भक्तों द्वारा श्रद्धापूर्वक संचालित है।