पक्का पुल धाम जहां बाबा सबकी मुरादे पूरी करते हैं। Indias Oldest Bridge
2 Anjane Musafir
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Pakka Pul Pir / Pakke Pul Wali is a Dargah located in Madhuban Karnal Haryana. This Dargah has five mazars, namely Ilahi Bakhsh and the other 4 mazars of Mohmmad Ali, Bahadur Khan Durrani, Sabal Singh Bawri and Kesar Mal Singh Bawri.
200 साल पुरानी दरगाह पर हजारों लाेग टेकते हैं
गांवऊंचा समाना में स्थित दरगाह पीर बाबा हजरत अली इलाही बख्श की पक्के पूल वाले बाबा के नाम से प्रसिद्ध लगभग 200 साल पुरानी दरगाह लोगों की आस्था का केंद्र बनी हुई है। इस दरगाह पर आषाढ़ माह में सभी धर्मों के हजारों लोग शीश नवाकर मन्नते मांगते हैं।
बताया जाता है कि लगभग 200 पूर्व गांव ऊंचा समाना में बड़ा जंगल था और जंगल चोर घटी के नाम से प्रसिद्ध था। अंग्रेजों के शासनकाल में जंगल से शेरशाह शूरी राजमार्ग बनाने का प्रपोजल तैयार किया गया था। जब पूल का निर्माण किया जा रहा था तो पूल बार-बार टूट जाता। राजमार्ग बनाने वाले ठेकेदार को सपना आया कि सड़क निर्माण वाले रास्ते में इस रास्ते में हजरत अली इलाही बख्श की मजार है। इसलिए सड़क को मोड़ दिया जाए और रास्ते को मोड़ते ही पूल का निर्माण सही तरह से होने लगा। ठेकेदार ने इस मामले की जानकारी गांव ऊंचा समाना के ग्रामीणों को दी। ग्रामीणों ने उस स्थान पर हजरत अली इलाही की मजार स्थापित कर दी। उनकी मजार स्थापित होने के बाद मजार के पुजारियों को स्वप्न आया। उसके बाद ग्रामीणों ने पांच मजारों की स्थापना की। आज पक्के पूल पर हजरतअली इलाही के साथ-साथ बहादुर अली दूरानी, मोहम्मद अली, सबर अली बोरी कोसर मल की दरगाह बनी हुई हैं। पीर बाबा की दरगाह पर साल के ज्येष्ठ आषाढ़ माह में बाबा पक्के पुल पर लगने वाले विशाल मेले में हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, हिमाचल सहित अनेक राज्यों से श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर आते है।