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शबरी मगन है राम भजन में Shabri Magan Hai Ram Bhajan Mein | Ram Bhajan | Lyrics | TRIPTI SHAKYA I HD

T-Series Bhakti Sagar

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शबरी मगन है राम भजन में Shabri Magan Hai Ram Bhajan Mein | Ram Bhajan | Lyrics | TRIPTI SHAKYA I HD

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   • जय श्री राम | Shree Ram Bhajans Sangrah | ...   🙏 शबरी जयंती विशेष: 🌺🙏   • शबरी मगन है राम भजन में Shabri Magan Hai R...  🙏🌺 शबरी श्री राम की परम भक्त थीं। जिन्होंने राम को अपने झूठे बेर खिलाए थे। शबरी का असली नाम श्रमणा था। वह भील समुदाय के शबर जाति से संबंध रखती थीं। इसी कारण कालांतर में उनका नाम शबरी पड़ा। उनके पिता भीलों के मुखिया थे। श्रमणा का विवाह एक भील कुमार से तय हुआ था, विवाह से पहले कई सौ पशु बलि के लिए लाए गए। जिन्हें देख श्रमणा बड़ी आहत हुई.... यह कैसी परंपरा? ना जाने कितने बेजुबान और निर्दोष जानवरों की हत्या की जाएगी... इस कारण शबरी विवाह से 1 दिन पूर्व भाग गई और दंडकारण्य वन में पहुंच गई। दंडकारण्य में मातंग ऋषि तपस्या किया करते थे, श्रमणा उनकी सेवा तो करना चाहती थी पर वह भील जाति की होने के कारण उसे अवसर ना मिलाने का अंदेशा था। फिर भी शाबर सुबह-सुबह ऋषियों के उठने से पहले उनके आश्रम से नदी तक का रास्ता साफ़ कर देती थीं, कांटे चुनकर रास्ते में साफ बालू बिछा देती थी। यह सब वे ऐसे करती थीं कि किसी को इसका पता नहीं चलता था। 1 दिन ऋषि श्रेष्ठ को शबरी दिख गई और उनके सेवा से अति प्रसन्न हो गए और उन्होंने शबरी को अपने आश्रम में शरण दे दी। जब मतंग का अंत समय आया तो उन्होंने शबरी से कहा कि वे अपने आश्रम में ही भगवान राम की प्रतीक्षा करें, वे उनसे मिलने जरूर आएंगे। मतंग ऋषि की मौत के बात शबरी का समय भगवान राम की प्रतीक्षा में बीतने लगा, वह अपना आश्रम एकदम साफ़ रखती थीं। रोज राम के लिए मीठे बेर तोड़कर लाती थी। बेर में कीड़े न हों और वह खट्टा न हो इसके लिए वह एक-एक बेर चखकर तोड़ती थी। ऐसा करते-करते कई साल बीत गए। एक दिन शबरी को पता चला कि दो सुंदर युवक उन्हें ढूंढ रहे हैं, वे समझ गईं कि उनके प्रभु राम आ गए हैं.. .. उस समय तक वह वृद्ध हो चली थीं, लेकिन राम के आने की खबर सुनते ही उसमें चुस्ती आ गई और वह भागती हुई अपने राम के पास पहुंची और उन्हें घर लेकर आई और उनके पांव धोकर बैठाया।  अपने तोड़े हुए मीठे बेर राम को दिए राम ने बड़े प्रेम से वे बेर खाए और लक्ष्मण को भी खाने को कहा। लक्ष्मण को जूठे बेर खाने में संकोच हो रहा था, राम का मन रखने के लिए उन्होंने बेर उठा तो लिए लेकिन खाए नहीं। इसका परिणाम यह हुआ कि राम-रावण युद्ध में जब शक्ति बाण का प्रयोग किया गया तो वे मूर्छित हो गए थे, तब इन्हीं बेर की बनी हुई संजीवनी बूटी उनके काम आयी थी। Subscribe:    / tseriesbhakti   Ram Bhajan: Shabri Magan Hai Ram Bhajan Mein Singer: Tripti Shakya Music Director: Laxmikant-Pyarelal Lyricist: Ravi Chopra Album: Shabri Magan Hai Ram Bhajan Mein Music Label: T-Series #TSeriesBhaktiSagar #ShabriMaganHaiRamBhajanMein #TriptiShakya If You like the video don't forget to share with others & also share your views. Stay connected with us!!! ► Subscribe:    / tseriesbhakti   ► Like us on Facebook:   / bhaktisagartseries   ► Follow us on Twitter:   / tseriesbhakti