ध्यान का सबसे चरम अनुभव: जब ब्रह्मरंध्र का कपाट खुलता है 👁️
S4W – Beyond Mind
0:00 / 0:00
ध्यान का सबसे चरम अनुभव: जब ब्रह्मरंध्र का कपाट खुलता है 👁️
7 233 просмотра · 1 дн. назад
S4W – Beyond Mind
27,5 тыс. подписчиков
7 233 просмотра · 1 дн. назад
हमारे प्राचीन योगशास्त्रों और वेदों में मानव शरीर को नौ द्वारों का एक रहस्यमयी नगर कहा गया है—दो आँखें, दो कान, दो नासिका छिद्र, एक मुख और दो विसर्जन अंग। लेकिन सिद्ध संतों और उपनिषदों ने एक ऐसे दसवें गुप्त द्वार का वर्णन किया है जिसे 'दशम द्वार' या 'ब्रह्मरंध्र' कहा जाता है।
जब गहरा ध्यान और प्राणायाम के माध्यम से सुषुम्ना नाड़ी में प्राण का ऊर्ध्वगमन होता है, तब कपाल के शिखर पर स्थित यह द्वार जाग्रत होता है। इस अवस्था में अनहद नाद की अखंड गूँज, सोमरस (अमृत) का स्राव और अंततः 'कपाल मोक्ष' यानी प्राण उत्क्रमण का साक्षात्कार होता है।
इस वीडियो में जानिए:
🔹 शरीर के 9 द्वारों और 10वें गुप्त द्वार का अंतर
🔹 दशम द्वार जाग्रत होने पर सिर में खिंचाव, स्पंदन और लक्षण
🔹 अनहद नाद और ब्रह्म-रस (सोमरस) का शास्त्रीय रहस्य
🔹 उन्मनी अवस्था, केवल कुम्भक और कपाल मोक्ष का विज्ञान
📌 समय-चिह्न (Timestamps):
00:00 - शरीर के 9 द्वार और 10वां गुप्त द्वार
01:45 - दशम द्वार जाग्रत होने के शारीरिक व मानसिक लक्षण
03:30 - अनहद नाद और अमृत रस का स्राव
05:15 - उन्मनी अवस्था और चेतना का विस्तार
07:00 - प्राण उत्क्रमण और कपाल मोक्ष का महा-रहस्य
\#Dhyan \#DasamDwar \#Brahmarandhra \#KundaliniAwakening \#KapalMoksha \#AnahadNaad \#MeditationExperiences \#SpiritualAwakening \#S4WBeyondMind