रूट स्टोक को मल्टीप्लाई करने के बाद रूट स्टॉक को कैसे पहचाने? M9, mm106, mm 111, m9T337 , B9
Jai Kisan HP
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रूट स्टोक को मल्टीप्लाई करने के बाद रूट स्टॉक को कैसे पहचाने? M9, mm106, mm 111, m9T337 , B9
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रूटस्टॉक है क्या ? इसकी पहचान कैसे करें
रूटस्टॉक जड़ों के सिस्टम और सेब के अधिकांश पौधों के निचले ट्रंक का एक छोटा सा हिस्सा है, जिस पर आनुवांशिक रूप से अलग गुणों वाले फल देने वाले भाग को ग्राफ्टिंग या कलम के द्वारा पौधा तैयार किया जाता है। कभी कभी आनुवांशिक रूप से अलग एक तीसरे भाग को भी रूटस्टॉक एवं फल देने वाले भाग के बीच में ग्राफ्टिंग किया जाता है जिसे "इंटरस्टेम" (INTERSTEM) कहा जाता है।
रूटस्टॉक का इस्तेमाल क्यों ?
अब प्रश्न ये उठता है कि रूटस्टॉक के इस्तेमाल कि जरूरत क्या है जबकि उसके ऊपर कलम किसी अन्य मुख्य किस्म कि करनी पड़ती है। ऐसा इसलिए किया जाता है क्यूंकि सेब कि मुख्य किस्म के पौधे को उगाना (Propagate) या मल्टीप्लाई करना बहुत कठिन कार्य है जबकि रूटस्टॉक या पाल्टी को आसानी से उगाया जा सकता है और उसको मल्टीप्लाई करने में भी ज्यादा मुश्किल नही आती ।
रूटस्टॉक दो प्रकार के होते हें बीजू या सीडलिंग और क्लोनल । सीडलिंग रूटस्टॉक बीज से तैयार किया जाता है जिससे कि ये गुंजाइश रहती है कि उत्पादित रूटस्टॉक जिनैटिक (Genetic) रूप से अलग गुणों वाला हो और ये अलग गुण कलम करने के बाद मुख्य किस्म के गुणों को भी प्रभावित कर सकते हैं । दूसरी ओर क्लोनल रूटस्टॉक वेजीटेटिव रूप से उत्पादित किए जाते हैं जिससे कि उत्पादित रूटस्टॉक में मदर रूट स्टॉक के सभी गुण होते हैं और इन रूटस्टॉक पर तैयार क़िस्मों के फलों में भी एक समान गुण और कवालिटी मिल जाती है ।
क्लोनल रूटस्टॉक मुख्य प्रचलित किस्में
एम 9 (M9) :
एम1111 (m111)
एम106(m106)
m793
B 9
m9t 337