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प्यास बुझती नहीं है कंठ की क्यों | एक प्याला हाथ से मुझको पिला दो | शिव चंद्र जैन । ह्रदयस्पृशी गीत

Kavya Sadhak

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प्यास बुझती नहीं है कंठ की क्यों | एक प्याला हाथ से मुझको पिला दो | शिव चंद्र जैन । ह्रदयस्पृशी गीत

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Kavya Sadhak
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प्यास क्यों बुझती नहीं है कंठ की | तुम्हारे हाथ से एक प्याला पिला दो | शिव चंद्र जैन की दिल को छू लेने वाली ग़ज़ल दोस्तों, इस गीत में एक ऐसी प्यास की बात है जो पानी से नहीं, किसी अपने के हाथ से बुझती है। सुनिए और दिल से महसूस कीजिए। गीत के बोल: प्यास क्यों बुझती नहीं है कंठ की, तुम्हारे हाथ से एक प्याला पिला दो... कवि: शिव चंद्र जैन आवाज़: शिव चंद्र जैन अगर ग़ज़ल दिल को छू गई हो तो LIKE, SHARE जरूर करें। 🙏 आपसे निवेदन: हमारे चैनल पर रोज़ नई ग़ज़ल, कविता और कवि सम्मेलन की वीडियो आती हैं। अगर आप सच्चे साहित्य प्रेमी हैं तो चैनल को SUBSCRIBE करना ना भूलें और Bell Icon 🔔 दबा दें। 🔍 SEARCH KEYWORDS: shiv chandra jain, shiv chandra jain ghazal, pyas kyu bujhti nahi hai kanth ki, tumhare hath se ek pyala pila do, hindi ghazal, viral ghazal, kavi sammelan, mushaira, best hindi poetry, dil ko chhoo lene wali ghazal #HASHTAG: #ShivChandraJain #HindiGhazal #ViralGhazal #KaviSammelan #Mushaira #HindiPoetry #Ghazal #PyasKyuBujhtiNahi #IndianPoetry #Gazal2026 #Shayari Thanks For Watching - शिव चंद्र जैन --- ये Description YouTube एल्गोरिदम के हिसाब से बनाया है - इसमें Title, Keyword, Hashtag और Subscribe का निवेदन सब फिट है। वायरल होने के चांस सबसे ज्यादा इसी से हैं।