08/09/26 ! सोलहकारण भावना मे ग्यारहवीं भावना है आचार्य भक्ति भावना! सुने लाइव प्रवचन! जयपुर
veershasnoday
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08/09/26 ! सोलहकारण भावना मे ग्यारहवीं भावना है आचार्य भक्ति भावना! सुने लाइव प्रवचन! जयपुर
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आप सभी का स्वागत है हमारे यूट्यूब चैनल पर। आज हम बात करेंगेअपने संतों की, लेकिन वास्तव में ये हमारे जीवन को संतुलित, नैतिक और सार्थक बनाने की मार्गदर्शिका हैं।
आज के तेज़ रफ्तार जीवन में तनाव, असंतोष और भ्रम आम हो गए हैं। ऐसे समय में चलते फिरते गुरु हमें आत्मिक शांति और स्पष्ट दिशा प्रदान करते हैं। वे हमें यह समझाते हैं कि बाहरी सफलता से अधिक महत्वपूर्ण है आंतरिक संतुलन और आत्मज्ञान।
जरूरत इस बात की है कि हम गुरूओं को अंधविश्वास की दृष्टि से नहीं, बल्कि ज्ञान और विवेक की दृष्टि से सुनें समझें। आचार्य श्री विधा सागरजी के शिष्य आचार्य श्री आर्जव सागर जी महाराज से दीक्षित निर्यापक मुनि श्री विलोक सागर जी महाराज के क्रांतिकारी प्रवचन उनकी वाणी आपके जीवन को संबल बना सके इसके लिए इस यूट्यूब चैनल को चालू किया गया है हम उनके मूल संदेश को अपने दैनिक जीवन में उतारते हैं, तभी उनका वास्तविक लाभ मिलता है।
आपको यह विषय कैसा लगा, हमें अवश्य बताएं। ऐसे ही ज्ञानवर्धक चर्चाओं के लिए चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करना न भूलें।