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Naimisharanya chakra teerth katha,नैमिषारण्य चक्र तीर्थ कथा, Neemsar,Sitapur नीमसार, सीतापुर

Seema Rajput

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Naimisharanya chakra teerth katha,नैमिषारण्य चक्र तीर्थ कथा, Neemsar,Sitapur नीमसार, सीतापुर

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Seema Rajput
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#naimisharanya #chakrateerth #neemsarsitapur Neesaar chakra tirth नैमिषारण्य लखनऊ से लगभग ९० की.मी. दूर, सीतापुर जिले में गोमती नदी के बाएं तट पर स्थित एक प्रसिद्ध हिन्दू तीर्थ है। नैमिषारण्य को नेमिशरण, नैमिसारण्य, नीमसर, नैमिष, निमखर, निमसर अथवा नैमिसरन्य भी कहा जाता है। चक्रतीर्थ नैमिषारण्य का मूल तीर्थ है यह गोलाकार कुंड चारों ओर से कई छोटे मंदिरों एवं कुछ छोटे कुण्डों से घिरा हुआ है। चक्रतीर्थ की कथा एक समय कुछ असुर ऋषियों की साधना भंग करने के उद्येश्य से उन्हें कष्ट दे रहे थे। उन सब ऋषियों ने ब्रम्हाजी  के समक्ष जाकर अपनी समस्या व्यक्त की। तब ब्रम्हाजी  ने सूर्य की किरणों से एक चक्र की रचना की तथा उन ऋषियों से इस चक्र का पीछा करने को कहा। उन्होंने कहा कि जहां भी यह चक्र रुक जाये वहां वे शान्ति से रह सकते हैं। जी हाँ! ब्रम्हा का चक्र नैमिषारण्य में आकर रुक गया। नेमी का एक और अर्थ है किनारा। यहाँ इसका अर्थ है कुंड का किनारा। ऐसी मान्यता है कि कुंड का जल पाताल लोक से आता है। पौराणिक मान्यताओंनुसार ब्रम्हा जी द्वारा छोड़ा गया चक्र इसी स्थल पर गिरा था यह एक एक गोलाकार चक्रनुमा कुण्ड है और चक्र के अन्दर बाहर दोनों तरफ़ जल है लेकिंन स्नान करने की व्यवस्था बाहर ही है लोग स्नान करने के साथ साथ इस चक्र की परिक्रमा भी करते है , पूरी दुनिया में इस चक्रतीर्थ की मान्यता है कहते है की इस  पावन चक्रतीर्थ के जल में स्नान करने से मनुष्य समस्त पापो से छुटकारा पा जाता है खैर जब भी आप Naimisharanya नैमिषारण्य आओ सबसे पहले चक्रतीर्थ  स्नान करे , और इस चक्रतीर्थ के आसपास कई छोटे छोटे मंदिर बने है जहां भी आप दर्शन हेतु जा सकते है | चक्रतीर्थ के पास बाबा भूतेश्वर नाथ महादेव मंदिर , श्री बालाजी महाराज, श्री सिद्धिविनायक गणेश जी, सरस्वती देवी, महालष्मी श्री पीठ, श्री बद्रीनारायण धाम , श्री राधा बिहारी मंदिर , श्री सत्य नारायण मंदिर , श्री श्रृंगी ऋषि तपस्थान आदि मंदिर है |