Tera Bina Adhoora Hoon Main - तेरा बिना अधूरा हूँ मैं
MayaChaitanyaAI
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Tera Bina Adhoora Hoon Main - तेरा बिना अधूरा हूँ मैं
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MayaChaitanyaAI
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सा… री… गा… मा…
मा… गा… री… सा…
तेरी यादों की बारिश में,
आज भी भीगता हूँ मैं…
तू कहीं और की दुनिया में,
तेरा होकर भी खोता हूँ मैं…
जिस राह पे तेरे कदमों के निशाँ थे,
उस राह पे अब सिर्फ़ तन्हाइयाँ हैं…
जिस शाम में तेरी हँसी चाँदनी थी,
उस शाम में अब बस परछाइयाँ हैं…
तेरे ख़तों को सीने से लगाकर,
हर रात तेरा नाम पुकारूँ…
तू लौट के आएगी किसी रोज़ शायद,
इस झूठ से दिल को सँवारूँ…
क्यों दिल ने तुझे ख़ुदा मान लिया?
क्यों ख़ुद से ज़्यादा तुझे जान लिया?
तूने तो पल में भुला दी कहानी,
मैंने हर साँस में तुझको जी लिया…
तेरे बिना… अधूरा हूँ मैं…
टूटा हुआ कोई सपना हूँ मैं…
तू साँस थी मेरी, तू आस थी मेरी,
अब ख़ुद में ही ख़ुद से बिछड़ा हूँ मैं…
ओ मेरे सनम… ओ मेरे सनम…
तुझमें ही खोकर, तुझसे ही जुदा…
जीता तो हूँ मैं, मगर जान-ए-जाँ,
तेरे बिना… ज़िंदा हूँ, ज़िंदा कहाँ…
सा… री… गा… मा…
गा… मा… प… मा… गा… री…
सा… नि… धा… प…
धा… नि… सा’…
आ… आ… आ…
मा… गा… री… सा…
तेरी वो बातें अभी याद आती हैं,
ख़ामोश रातों में रुला जाती हैं…
तूने कहा था, “कभी छोड़ूँगी ना,”
वो झूठी कसमें भी याद आती हैं…
जिस हाथ में हाथ तेरा था कभी,
उस हाथ में अब लकीरें भी रोती हैं…
हमने जो देखे थे मिलकर कभी,
वो ख़्वाब मेरी आँखों में सोते नहीं हैं…
क्या इश्क़ मेरा इतना कम था?
या तेरा दिल ही मुझसे बेख़बर था?
मैंने तो माँगी थी बस उम्र भर,
तेरे लिए मेरा हर पल कम था…
तेरे बिना… अधूरा हूँ मैं…
बुझता हुआ कोई दीया हूँ मैं…
तू मेरी मंज़िल, तू मेरी दुनिया,
अब ख़ुद से ही कितना जुदा हूँ मैं…
ओ मेरे सनम… ओ मेरे सनम…
किस्मत ने क्यों ये फ़ैसला किया?
तू मेरा होकर भी मेरा न हुआ,
मैंने तुझे खोकर ख़ुद को खो दिया…
अगर कभी मेरी याद आए,
तेरी पलकों पे आँसू ठहर जाएँ…
तो समझना, कहीं दूर बैठा,
कोई आज भी तुझे चाहता है…
मैं तुझसे शिकायत कैसे करूँ?
तुझसे ही तो मोहब्बत की है…
तू ख़ुश रहे अपनी दुनिया में,
मैंने बस इतनी इबादत की है…
सा… री… गा… मा… प…
मा… गा… री… सा…
नि… सा’… री’… सा’… नि… धा…
प… मा… गा… री… सा…
आ… आ… आ… आ…
तेरे… बिना… आ…
सा… नि… धा… प…
मा… गा… री… सा…
तेरे बिना… अधूरा हूँ मैं…
तेरी मोहब्बत का साया हूँ मैं…
तू लौटे न लौटे, ये दिल कहता है,
आज भी तेरा, सिर्फ़ तेरा हूँ मैं…
ओ मेरे सनम… सुन ले ज़रा…
दिल ने तुझे अब भी रिहा न किया…
तू भूल गई वो मोहब्बत हमारी,
मैंने तो तुझको कभी अलविदा न किया…
सा… री… गा… मा…
तेरी याद… और तन्हा रात…
गा… री… सा…
तेरे बिना…
अधूरा हूँ मैं…