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भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि के दिन सूर्य षष्ठी व्रत | संतान सप्तमी व्रत कथा

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भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि के दिन सूर्य षष्ठी व्रत | संतान सप्तमी व्रत कथा

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भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि के दिन सूर्य षष्ठी व्रत /संतान सप्तमी व्रत कथा/Surya Sashti Vrat 2026 Surya Shashti 2025: सूर्य षष्ठी व्रत Priyanka dharma गंगा बुधवार व्रत कथा budhwar vrat katha santan saptmi vrat katha ganesh ji ki katha keywords :- संतान सप्तमी की कथा सुनाए संतान साते की कथा सुनाएं #SuryaChhath #SuryaShashthi #Sunworship सूर्य षष्ठी की पूजा विधि भविष्योत्तर पुराण के अनुसार प्रत्येक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को भगवान सूर्य के निमित्त व्रत करना चाहिए. इनमें भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी का विशेष महत्व है. इस दिन गंगा स्नान सूर्योपासना जप एवं व्रत किया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसा इस दिन सूर्य पूजन गंगा स्नान दर्शन और पंचगव्य सेवन से अश्वमेघ यज्ञ के समान फल प्राप्त होता है. Surya Shashti 2026: शुक्रवार 29अगस्त को सूर्य षष्ठी का व्रत किया जायेगा। इसे लोलार्क षष्ठी के नाम से भी जाना जाता है। ये पर्व भगवान सूर्यदेव की आराधना से संबंध रखता है। आज से 16 दिनों तक काशी के लोलार्क कुण्ड में स्नान करने का महत्व बताया गया है। आज के दिन संतान की प्राप्ति के लिये या संतान की खुशी के लिये सूर्य भगवान के निमित्त व्रत किया जाता है, उनकी पूजा की जाती है और उनके मंत्रों का जाप किया जाता है। इस दिन जो व्यक्ति भक्ति भाव और विधिवत तरीके से सूर्य भगवान की आराधना करता हैं, उन्हें अच्छी संतान और संतान की खुशहाली के साथ ही आरोग्य और धन की प्राप्ति भी होती है।