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ब्रह्मेश्वर मुखिया और 90s का बिहार: नक्सलवाद, जातीय संघर्ष और रणवीर सेना की कहानी | Part 1

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ब्रह्मेश्वर मुखिया और 90s का बिहार: नक्सलवाद, जातीय संघर्ष और रणवीर सेना की कहानी | Part 1

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Disclaimer: The content on Bihar Vibes is intended for educational, informational, cultural, and entertainment purposes only. Views expressed by hosts and guests are personal. Discussions are based on publicly available information, research, and individual opinions. While we strive for accuracy, we encourage viewers to verify facts independently. No content is intended to offend, defame, or disrespect any individual, community, organization, or institution. इतिहास सिर्फ तारीखों से नहीं बनता, कुछ नाम पूरे एक दौर की पहचान बन जाते हैं। बिहार के 80s और 90s का दौर सामाजिक और राजनीतिक उथल-पुथल, नक्सलवाद, जातीय संघर्ष, नरसंहार, गांवों की नाकाबंदी और बड़े पैमाने पर पलायन के लिए जाना जाता है। इस Episode 3 के Part 1 में हम बात करते हैं: • 90s के बिहार की सामाजिक और राजनीतिक स्थिति • नक्सल आंदोलन से जातीय संघर्ष तक का सफर • बिहार में निजी सेनाओं के उभरने की कहानी • दलेलचक-बघौरा और अन्य घटनाओं का प्रभाव • नाकाबंदी ने गांवों और किसानों को कैसे प्रभावित किया • पलायन और खेती पर पड़ा असर • ब्रह्मेश्वर मुखिया का उभार • बेलौर की नाकाबंदी और उसका टूटना • रणवीर सेना के गठन की पृष्ठभूमि • उस दौर की राजनीति और प्रशासन की भूमिका यह Episode बिहार के उस दौर को समझने की एक कोशिश है जिसे अलग-अलग लोगों ने अलग-अलग नजरिए से देखा और समझाया है। Note: इस एपिसोड में व्यक्त विचार और ऐतिहासिक दावे बातचीत में शामिल वक्ताओं के दृष्टिकोण/वर्णन पर आधारित हैं। दर्शक स्वतंत्र रूप से भी तथ्यों और ऐतिहासिक स्रोतों की जांच कर सकते हैं। 🎙️ Bihar Vibes Podcast | Episode 3 | Part 1 of 3 अगर आपको बिहार की राजनीति, इतिहास, समाज और उन कहानियों पर गहरी बातचीत पसंद है जिन्हें अक्सर मुख्यधारा की चर्चा में जगह नहीं मिलती, तो Podcast को Subscribe करें।