पूज्यनीय श्री बड़े देवरहा बाबा जी के दिव्य दर्शन और उनके श्री मुख से ज्ञान प्रसाद की अमृत वर्षा
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देवरहा बाबा "बड़े सरकार " चमत्कारी शक्तियों के भंडार है। देवरहा बाबा ने जिस स्थान पर निवास किया, उस स्थान को आज देवरिया नाम से जाना जाता है।
कुछ लोगों का मानना है की देवरहा बाबा 250 साल तक जीवित रहे । यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है की वह कितने साल तक जीवित रहे। देवरहा बाबा का जन्म स्थान तो किसी को मालूम नहीं है। बस इतना ही मालूम है कि देवरहा बाबा हिमालय पर्वत पर निवास करते थे। हिमालय पर्वत के बाद देवरहा बाबा जहां रहते थे उस जगह को आज देवरिया नाम से जाना जाता है।
देवरहा बाबा हमेशा एक मचान पर बैठते थे। वही से लोगों को पैर से आशीर्वाद देते थे। बाबा के पास एक टोकरी हमेशा रखी रहती थी। टोकरी में से बाबा सबको प्रसाद देते थे। यह टोकरी कभी भी खाली नहीं होती थी, चाहे कितने भी लोग आ जाएं। बाबा टोकरी में हाथ डालते और सबको कुछ न कुछ प्रसाद देते थे। टोकरी का खाली न होना यह भी बाबा का चमत्कार था। बाबा के दर्शन हेतु प्रतिदिन हजारों लोग आते थे। इंग्लैंड के राजा जार्ज पंचम बाबा के दर्शन के लिए भारत आए। और नेपाल के राजा बाबा के दर्शनको भारत आये देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मंत्री, राजनेता, अधिकारी, साधु-संत और गांव के किसान भी बाबा के दर्शन को आते थे। राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. जाकिर हुसैन बाबा के अनन्य भक्त थे।प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, विश्वनाथ प्रताप सिंह, अटल बिहारी वाजपेयी, लाल बहादुर शास्त्री, चौधरी चरण सिंह, गुलजारीलाल नंदा, डॉ. शंकर दयाल शर्मा आदि नेतागण बाबा के दर्शन को आते थे।
देवरहा बाबा का योगिनी एकादशी के दिन वृंदावन में यमुना नदी के किनारे 19 जून, 1990 को 10:00 बजकर 28 - 32 मिनट के बीच ब्रह्मरंध्र फट गया और श्री महाराजजी के मस्तक से एक ज्योति निकलकर महाज्योति में विलीन हो गई। मंच के नीचे खड़े साधुओ ने उसी समय देखा कि बाबा की खोपड़ी के अंदर 1 मिनट तक प्रकाश रहा और अग्नि की लपट की तरह अपने आप समाप्त हो गया। इसके बाद दूसरे दिन बाबा के शरीर को जलसमाधि दे दी गई। जल समाधि के तुरंत बाद बाबा का शरीर पानी में गायब हो गया। इसके बाद लोगों में बाबा के प्रति आस्था और पक्की हो गई।
देवरहा बाबा के चमत्कार तो सभी लोग जानते हैं। बाबा के भक्त भारत में ही नहीं विदेशों में भी रहते है। बाबा के भक्त मन की शांति के लिए विदेश से वृन्दावन आश्रम आते हैं। लोगों का ऐसा विश्वास है कि बाबा आज भी अपने भक्तों के साथ हैं और देवरहा बाबा आज भी अपने भक्तों की मदद करते हैं। कई जगह से जुटाई गयी प्राप्त जानकारिओ के अनुसार