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🧘‍♂️ महावीर वाणी भाग 52 | Osho – Mahavir Vani | Part 52🌸

Enlightenment Hindi

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🧘‍♂️ महावीर वाणी भाग 52 | Osho – Mahavir Vani | Part 52🌸

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भगवान महावीर की अमृत वाणी पर ओशो के गहन प्रवचन श्रृंखला का 52वां भाग। इस प्रवचन में ओशो महावीर के मोक्षमार्ग-सूत्र के माध्यम से संयम के वास्तविक अर्थ को उजागर करते हैं। संयम दमन नहीं, शरीर को दबाना नहीं — बल्कि शरीर और आत्मा के बीच का वह सूक्ष्म फासला है जहाँ कोई बंधन नहीं रहता। न भोग का, न तथाकथित योग का। ओशो स्पष्ट करते हैं: भोगी और दमन करने वाले योगी — दोनों ही शरीर से बंधे रहते हैं। सच्चा संयम तब आता है जब आत्मा शरीर की छाया बनकर नहीं चलती, बल्कि शरीर का मालिक बन जाती है। महावीर “अयोग” को परम अवस्था कहते हैं — जहाँ सभी जोड़ टूट जाते हैं और केवल शुद्ध साक्षीभाव बचता है। यह प्रवचन उन साधकों के लिए है जो केवल बाहरी नियमों से आगे बढ़कर भीतरी संतुलन, विवेक और साक्षीभाव को समझना चाहते हैं। यह प्रवचन उन साधकों के लिए है जो केवल बाहरी नियमों से आगे बढ़कर भीतरी संतुलन, विवेक और साक्षीभाव को समझना चाहते हैं। #Osho #MahavirVani #OshoHindi #Mahavir #Sanyam #JainPhilosophy #SpiritualDiscourse #OshoPravachan #Moksha #Awareness