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"ऊँची छलांग | क्या मौन भी अन्याय का साथ बन जाता है? | दीपक शर्मा | हिंदी कहानी"

Katha Sahitya Pro

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"ऊँची छलांग | क्या मौन भी अन्याय का साथ बन जाता है? | दीपक शर्मा | हिंदी कहानी"

4 092 просмотра · 1 месяц назад
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क्या मौन भी अन्याय का साथ बन जाता है? | दीपक शर्मा | हिंदी कहानी" प्रख्यात कथाकार दीपक शर्मा की कहानी "ऊँची छलांग" इसी प्रश्न को अत्यंत संवेदनशील और विचारोत्तेजक ढंग से हमारे सामने रखती है। एक प्रतिष्ठित परिवार की चमक-दमक के पीछे छिपे मानसिक उत्पीड़न, उपेक्षा और मौन की यह कहानी हमें सोचने पर विवश करती है कि कभी-कभी सबसे गहरे घाव दिखाई नहीं देते। यह केवल एक स्त्री के संघर्ष की कहानी नहीं, बल्कि उस समाज का आईना है जहाँ प्रभाव और प्रतिष्ठा के सामने सच की आवाज़ दबने लगती है। क्या अन्याय के सामने चुप रहना भी अन्याय में सहभागी होना है? इसी प्रश्न का उत्तर खोजती है यह गहन साहित्यिक कहानी। 📚 यदि आपको हिंदी साहित्य, सामाजिक कहानियाँ, मनोवैज्ञानिक कथाएँ और जीवन की गहरी सच्चाइयों को उजागर करने वाली रचनाएँ पसंद हैं, तो इस वीडियो को अंत तक अवश्य देखें। 🔔 हिंदी साहित्य की श्रेष्ठ कहानियाँ सुनने के लिए कथा साहित्य सिम्मी सैनी को Subscribe करें। #ऊंचीछलांग #simmisaini #DeepakSharma #HindiStory #HindiKahani #HindiSahitya #Storytelling #SocialStory #Literature #KathaSahitya #SimmiSaini #Educational ​कहानी: ऊँची छलांग ​लेखिका: दीपक शर्मा ​वाचन (Voice-over): सिम्मी सैनी‪@kathasahityapro‬ 📖 कहानी से शिक्षा • बाहरी वैभव और सामाजिक प्रतिष्ठा हमेशा सुखी जीवन का प्रमाण नहीं होते। • किसी भी व्यक्ति के साथ होने वाले मानसिक उत्पीड़न को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। • अन्याय के सामने मौन रहना भी कई बार अन्याय का ही साथ बन जाता है। • सत्य, संवेदना और न्याय के पक्ष में खड़े होना प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व है। • किसी का सम्मान उसके धन या सामाजिक स्तर से नहीं, बल्कि उसके मानवीय अधिकारों और गरिमा से होना चाहिए। Story Credit: इस कहानी का वाचन कथाकार की लिखित अनुमति से किया जा रहा हैं। दीपक शर्मा (जन्म 30 नवंबर 1946) एक भारतीय लेखिका हैं, जो हिंदी और अंग्रेजी में अपनी लघु कहानियों के लिए जानी जाती हैं। 1993 से 2021 के बीच उन्होंने इक्कीस लघु कहानियाँ प्रकाशित की हैं। 2021 में उन्हें उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा साहित्य भूषण सम्मान से सम्मानित किया गया। 🖼️ Visuals & Graphics: वीडियो में उपयोग की गई तस्वीरें AI (Artificial Intelligence) और फ्री-स्टॉक प्लेटफॉर्म्स (Pixabay/Pexels) से ली गई हैं। Educational Value: This video promotes ethical decision-making, social awareness, empathy, critical thinking, women's dignity, and appreciation of Hindi literature through meaningful storytelling. ​Copyright Disclaimer: Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for "fair use" for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing. Non-profit, educational or personal use tips the balance in favor of fair use. ​Note: This video is made for educational and literary purposes to promote Hindi literature. We respect the original creators.