🔴 ढोरी माता वार्षिक समारोह 2026 LIVE | समारोही मिस्सा बलिदान | मुख्य याजक बिशप थियोडोर मस्करेन्हस
HAZARIBAG CATHOLIC DIOCESE
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*धोरी माता का इतिहास*
धोरी माता का इतिहास झारखंड राज्य के बोकारो जिले के धोरी क्षेत्र में गहराई से जुड़ा हुआ है। माना जाता है कि 1956 में खदान में काम कर रहे कुछ मजदूरों को एक चट्टान पर माता मरियम की आकृति दिखाई दी। उन्होंने इसे चमत्कारी घटना माना और विश्वास किया कि यह एक दिव्य संकेत है। धीरे-धीरे इस स्थान पर माता मरियम के भक्तों का आना शुरू हुआ और इसे "धोरी माता" के रूप में मान्यता मिलने लगी।
प्रत्येक वर्ष अक्टूबर में यहाँ भव्य वार्षिक उत्सव का आयोजन किया जाता है, जिसमें हजारों भक्त आते हैं। श्रद्धालु यहाँ विशेष रूप से प्रार्थना करने और माता से आशीर्वाद प्राप्त करने आते हैं। इस आयोजन में शोभा यात्रा, सामूहिक प्रार्थना, एवं विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल होते हैं। लोगों का मानना है कि यहाँ की प्रार्थना से बीमारियों से मुक्ति मिलती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। धोरी माता का यह स्थल अब केवल झारखंड ही नहीं बल्कि भारत के अन्य राज्यों से भी भक्तों को आकर्षित करता है।
धोरी माता का यह स्थान ईसाई समुदाय के लिए विशेष रूप से पवित्र स्थल बन गया है, जहाँ पर सभी धर्मों के लोग शांति और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए आते हैं।