श्री जमवाय पच्चीसी //shri jamwai pachhisi//@ramvanshnaruka1753
Ramvansh Naruka
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श्री जमवाय पच्चीसी //shri jamwai pachhisi//@ramvanshnaruka1753
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Ramvansh Naruka
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Singer:- Rajvansh Naruka(Ramvansh)
Lyrics:-Rajvansh Naruka
Music : mahesh sharma
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Shri jamvay पच्चीसी
गुरु चरणों में नमन कर, धरूं गजानन ध्यान।
गाऊँ कुलदेवी सुयश , पाऊं कुल में नाम।। बुद्धि हीन मैं सुत तेरो , अपनालो माँ मोहि। सुख - समृद्धि दो सदा ,मैं वन्दन करूं तोहि।
① हे कुलदेवी जमवाय माता।
भक्त सभी तुम्हे शीश नवाता ।।
2. जमवारामगढ़ है ठिकाना ।
पावन धाम है माँ का सुहाना।।
③ पर्वत बीच है मन्दिर भारी।
महिमा जिसकी सबसे न्यारी ॥
④ दुल्हेराय ने इसे बनवाया ।
कच्छवाहा कुल में नाम पाया।।
⑤ कछवाहों की तुम कुलदेवी।
त्रेता में हर सिद्धि देवी।।
⑥द्वापर युग में आकर तुमने।
नाम पाया बड़वाय माता ॥
7.कलयुग में कछवाहो की माता।
जय-जय हो तेरी जमवाय माता।।
8. संकट में तुम आन बचाती ।
दुःखी जनों के कष्ट मिटाती ॥
9. पूत, सपूत है तेरी कृपा से।
कुल संतति सुधरती सारी।।
10. तुम कुलदेवी , कुल कल्याणी।
कुल की तुमसे खिली फूलवारी ।।
⑪ दर्शन को तेरे धाम पे आये ।
उस पर कृपा तुम्हारी होवे।।
12.चरण-शरण जमूवा की लेवें ।
मनवान्छित फल मा उसे देवे ।।
13. नव-जोड़ी मां के धोक लगाये ।
उसकी जोड़ी सुखी बनावे ।।
14 मुण्डन कर शिशु शीश नवावे।
माता उसको स्वस्थ रखावें।।
15 .शुक्ल अष्टमी व्रत जो रखता।
माता जी का आशीश पाता।।
16.खीर,चावल लापसी का भोग लगावे।
सात्विक भोग ही मां को भावे।।
17 भक्ति-भाव से ध्यान धरे कोई ।
दुख दरिद्र पास ना होई॥
18 प्रेम भाव से जो गुण गावे ।
जमुवाय माँ की ममता पावे।।
19 कुल देवी का जो गुण गावे ।
उसका कुल कभी नष्ट ना होवे ।।
२० कुल देवी का जो पूजन करे ।
संतान उसकी भ्रष्ट ना होवे ।।
21. नवरात्रों में रहता सात्विक ।
मांस मदिरा रखता वर्जित।।
22 कुल देवी की कृपा पाता ।
सुख - समृद्धि किर्ति पाता ।।
23.कछवाहों के कुल के देवता ।
अंबिकेश्वर महादेव जी।।
24.कुल देवी है जमवाय माता।
ईस्ट है प्रभु, श्री राम जी।।
25 जय जय हो कुलदेवी तेरी ।
स्वीकारी ये सेवा मेरी?-2
दोहा- भूल चूक सब क्षमा करो,
हे कुलदेवी जमवाय।।
रामवंश गाता रहे जय जय जमवाय 2
चंचल मन हूं मंदमती,
बैठा आस लगाय।।
करो कृपा मुझ दास पर।
मां कुलदेवी जमवाय 2