Explained: Nanda Devi Raaj Jaat, माँ राज राजेश्वरी और गढ़वाल राजवंश
GarhVartah (गढ-वार्ता:)
0:00 / 0:00
Explained: Nanda Devi Raaj Jaat, माँ राज राजेश्वरी और गढ़वाल राजवंश
648 просмотров · 5 дн. назад
GarhVartah (गढ-वार्ता:)
85 подписчиков
648 просмотров · 5 дн. назад
इस विशेष पॉडकास्ट में अश्वनी मैंदोला के साथ जुड़ें, जहाँ गढ़वाल राजवंश के सदस्य ठाकुर भवानी प्रताप सिंह पंवार गढ़वाल राजपरिवार और भगवती राज राजेश्वरी के पवित्र व गूढ़ संबंधों पर गहराई से चर्चा कर रहे हैं।
माँ भगवती राजेश्वरी को कई रूपों व नामों से जाना जाता है—जैसे अर्ध गौड़ेश्वरी, नंदा, और भुवनेश्वरी। अनादि काल से गढ़वाल के जन-जन का माँ भगवती से अटूट धार्मिक व सांस्कृतिक जुड़ाव रहा है। संपूर्ण गढ़वाल क्षेत्र में देवी के प्रति असीम श्रद्धा और भक्ति भाव देखने को मिलता है। विशेषकर नवरात्रों और मुख्य रूप से महाअष्टमी के दिन माँ भगवती के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना बड़े ही हर्षोल्लास व विधि-विधान से की जाती है।
🌟 इस पॉडकास्ट के प्रमुख आकर्षण:
🚩 नंदा देवी राजजात यात्रा (Raj Jat Yatra) का ऐतिहासिक व आध्यात्मिक महत्व
🌸 गढ़वाल संस्कृति में 'ध्याण' (धियाण/बेटी) की अवधारणा
𝌀 अष्टमी के अवसर पर माँ भगवती का नगर भ्रमण
🔱 अष्टमी पूजन, बलि की परंपरा और तंत्र पूजा के गूढ़ रहस्य
गढ़वाल की समृद्ध परंपरा, संस्कृति और राजपरिवार के धार्मिक इतिहास को गहराई से समझने के लिए इस पॉडकास्ट को अंत तक ज़रूर देखें!
🔔 चैनल को सब्सक्राइब करें और बेल आइकन दबाएं ताकि गढ़वाल की संस्कृति व इतिहास से जुड़े ऐसे ही ज्ञानवर्धक वीडियो आप तक पहुँचते रहें!
💬 अपनी राय और विचार कमेंट बॉक्स में ज़रूर साझा करें।
#NandaDevi #GarhwalHistory #Nandadevirajjat #RajRajeshwari #GarhwalRoyalFamily #NandaDevi #nandarajjat #RajJatYatra #UttarakhandCulture #NavratriSpecial #MahaAshtami #TantraPuja #Podcast #Uttarakhand #Uttahrakhandnews
00:00 - Intro
01:50 - राज परिवार और माँ राज राजेश्वरी का ऐतिहासिक संबंध
03:06 - महाराजा कनकपाल, कत्यूरी वंश और नंदा देवी (ध्याण परंपरा)
05:40 - नवरात्र, अष्टमी (अठवाड़) और गढ़वाल में शस्त्र पूजन
08:00 - नंदा देवी को 'ध्याण' (बेटी) मानने का लोक विश्वास
09:08 - टिहरी के तीन सिद्धपीठ (कुंजापुरी, सुरकंडा, चंद्रबदनी) और कॉस्मिक एनर्जी
12:00 - तांत्रिक परंपराएं और जीवित शस्त्रों की शक्ति
13:15 - मंदिरों की वर्तमान स्थिति और 1924 का तीर्थ सुधार विधान
17:10 - गढ़वाल में पशु बलि की ऐतिहासिक परंपरा और बदलाव
19:00 - औजी, जागरी और मौखिक संस्कृति के संरक्षण की चुनौती
22:35 - नंदा देवी, राज जात और राज परिवार
32:55 - ऐतिहासिक श्रीयंत्र का रहस्य और नेपाल से वापसी
34:00 - अष्टमी का नगर भ्रमण और राजघराने की गुप्त रस्में