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Nirvana Shatakam [FAST] | शिवोऽहम् शिवोऽहम् | Sanskrit with Hindi Meaning | Adi Shankaracharya

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Nirvana Shatakam [FAST] | शिवोऽहम् शिवोऽहम् | Sanskrit with Hindi Meaning | Adi Shankaracharya

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Nirvana Shatakam | निर्वाण षट्कम् | शिवोऽहम् शिवोऽहम् *English:* Nirvana Shatakam, also known as **Atma Shatakam**, is a profound Sanskrit composition traditionally attributed to **Adi Shankaracharya**. This powerful stotram takes us on an inward journey beyond the mind, body, ego, desires, and worldly identities. Its central message is: *Chidananda Rupah Shivoham Shivoham* *I am the eternal form of consciousness and bliss. I am Shiva.* In this video, experience the complete **Nirvana Shatakam in Sanskrit**, followed by a **rhythmic Hindi meaning**, helping you understand and feel the deeper spiritual essence of every verse. 🔱 Listen with devotion. 🕉️ Go beyond the mind. ✨ Discover the truth within — *Shivoham.* --- *हिंदी:* *निर्वाण षट्कम्**, जिसे **आत्म षट्कम्* भी कहा जाता है, परंपरागत रूप से *आदि शंकराचार्य* की रचना मानी जाती है। यह गहन संस्कृत स्तोत्र हमें मन, शरीर, अहंकार, इच्छाओं और सांसारिक पहचान से परे हमारे वास्तविक स्वरूप की ओर ले जाता है। इस स्तोत्र का मुख्य संदेश है: *चिदानन्दरूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम्* *मैं शुद्ध चेतना और आनंद का स्वरूप हूँ। मैं शिव हूँ।* इस वीडियो में सुनें संपूर्ण **निर्वाण षट्कम् संस्कृत में**, साथ ही प्रत्येक श्लोक का **लयबद्ध हिंदी अर्थ**, ताकि आप इसके गहरे आध्यात्मिक संदेश को समझ और अनुभव कर सकें। 🔱 भक्ति से सुनें। 🕉️ मन से परे जाएँ। ✨ अपने भीतर के सत्य को पहचानें — *शिवोऽहम्।* --- Lyrics | Sanskrit & Hindi Meaning मनोबुद्ध्यहंकार चित्तानि नाहं न च श्रोत्रजिह्वे न च घ्राणनेत्रे। न च व्योम भूमिर्न तेजो न वायुः चिदानन्दरूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम्॥ न मन हूँ, न बुद्धि हूँ, न अहंकार मैं, न चित्त की लहरों का संसार मैं। न कान हूँ, न जिह्वा, न नयन, न प्राण, न धरती, न आकाश, न अग्नि, न पवन महान। मैं हूँ चिदानंद, शिव मेरा नाम, शिवोऽहम् शिवोऽहम् — मैं शिव, मैं शिव धाम॥ न च प्राणसंज्ञो न वै पञ्चवायुः न वा सप्तधातुर्न वा पञ्चकोशः। न वाक्पाणिपादौ न चोपस्थपायू चिदानन्दरूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम्॥ न प्राणों का बंधन, न पंचों का वास, न सप्त धातुओं का मुझमें आभास। न वाणी, न हाथ, न चरणों का मान, न शरीर की सीमाएँ, न कोई पहचान। मैं हूँ चिदानंद, शिव मेरा नाम, शिवोऽहम् शिवोऽहम् — मैं शिव, मैं शिव धाम॥ न मे द्वेषरागौ न मे लोभमोहौ मदो नैव मे नैव मात्सर्यभावः। न धर्मो न चार्थो न कामो न मोक्षः चिदानन्दरूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम्॥ न राग, न द्वेष, न लोभ, न मोह, न मद का अंधेरा, न ईर्ष्या का शोक। न धर्म का बंधन, न अर्थ की प्यास, न काम की इच्छा, न मोक्ष की आस। मैं हूँ चिदानंद, शिव मेरा नाम, शिवोऽहम् शिवोऽहम् — मैं शिव, मैं शिव धाम॥ न पुण्यं न पापं न सौख्यं न दुःखं न मन्त्रो न तीर्थं न वेदा न यज्ञाः। अहं भोजनं नैव भोज्यं न भोक्ता चिदानन्दरूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम्॥ न पुण्य हूँ, न पाप, न सुख, न दुःख, न मंत्र, न तीर्थ, न कर्मों का मुख। न वेदों का ज्ञान, न यज्ञों का मान, न खाने वाला, न भोजन, न प्राण। मैं हूँ चिदानंद, शिव मेरा नाम, शिवोऽहम् शिवोऽहम् — मैं शिव, मैं शिव धाम॥ न मे मृत्युशङ्का न मे जातिभेदः पिता नैव मे नैव माता न जन्म। न बन्धुर्न मित्रं गुरुर्नैव शिष्यः चिदानन्दरूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम्॥ न मृत्यु का भय है, न जाति का भेद, न माता, न पिता, न जन्मों का भेद। न कोई है बंधु, न मित्र, न शिष्य, न गुरु की सीमा, न संबंध विशेष। मैं हूँ चिदानंद, शिव मेरा नाम, शिवोऽहम् शिवोऽहम् — मैं शिव, मैं शिव धाम॥ अहं निर्विकल्पो निराकाररूपो विभुत्वाच्च सर्वत्र सर्वेन्द्रियाणाम्। न चासङ्गतं नैव मुक्तिर्न मेयः चिदानन्दरूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम्॥ न रूप है मेरा, न कोई विकल्प, मैं शून्य नहीं, मैं अनंत स्वरूप। मैं सबमें हूँ, फिर भी सबसे परे, न बंधन मुझे, न मुक्ति की डगरें। मैं हूँ चिदानंद, शिव मेरा नाम, शिवोऽहम् शिवोऽहम् — मैं शिव, मैं शिव धाम॥ 🙏 *Subscribe for more Sanskrit Stotrams, Vedic Mantras and their Hindi meanings.* 🔔 *संस्कृत स्तोत्र, वैदिक मंत्र और उनके अर्थ के लिए चैनल को Subscribe करें।* #NirvanaShatakam #Shivoham #AtmaShatakam #NirvanaShatakamWithMeaning #AdiShankaracharya #Shiva #Mahadev #SanskritMantra #ShivMantra #HindiMeaning #SanatanDharma #VedicChant #Spirituality #Meditation