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उसने तो प्यार के क़ाबिल कभी समझा ही नहीं | दर्द भरी ग़ज़ल | गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत' बीकानेरी

GIRDHARI SINGH GAHLOT

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उसने तो प्यार के क़ाबिल कभी समझा ही नहीं | दर्द भरी ग़ज़ल | गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत' बीकानेरी

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GIRDHARI SINGH GAHLOT
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💔 उसने तो प्यार के क़ाबिल कभी समझा ही नहीं 💔 जिसे हमने टूटकर चाहा, उसने हमें प्यार के क़ाबिल ही नहीं समझा। अधूरी मोहब्बत, तन्हाई और बेवफ़ाई के दर्द में डूबी यह ग़ज़ल ज़रूर सुनें। ग़ज़ल ===== उसने तो प्यार के क़ाबिल कभी समझा ही नहीं मेरे सीने में भी है दिल कभी समझा ही नहीं उसने तो प्यार के क़ाबिल कभी समझा ही नहीं मेरे सीने में भी है दिल कभी समझा ही नहीं *** कोशिशें लाख कीं समझाने की उसको लेकिन कोशिशें लाख की समझाने की उसको लेकिन वो है अब ज़ीस्त में शामिल कभी समझा ही नहीं उसने तो प्यार के क़ाबिल कभी समझा ही नहीं *** क़त्ल कर डाले सरेआम थे जज़्बात मगर क़त्ल कर डाले सरेआम थे जज़्बात मगर मैंने हमराज़ को क़ातिल कभी समझा ही नहीं उसने तो प्यार के क़ाबिल कभी समझा ही नहीं *** रौनकें ज़ीस्त में थीं सब उसी के होने से रौनकें ज़ीस्त में थीं सब उसी के होने से सूनी कर जाएगा महफ़िल कभी समझा ही नहीं उसने तो प्यार के क़ाबिल कभी समझा ही नहीं *** क्या बताता मैं उसे जिसको समझना ही न था क्या बताता मैं उसे जिसको समझना ही न था साँस लेना भी है मुश्किल कभी समझा ही नहीं उसने तो प्यार के क़ाबिल कभी समझा ही नहीं *** तोड़ कर चल दिया झटके से तनाबे -उल्फ़त तोड़ कर चल दिया झटके से तनाबे -उल्फ़त कोई मर जायेगा तिल तिल कभी समझा ही नहीं उसने तो प्यार के क़ाबिल कभी समझा ही नहीं ** मेरे सीने में भी है दिल कभी समझा ही नहीं उसने तो प्यार के क़ाबिल कभी समझा ही नहीं ✍️ रचनाकार - गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत' बीकानेरी ग़ज़ल पसंद आए तो 👍 LIKE करें, 🔔 चैनल को SUBSCRIBE करें और ↗ अपनों के साथ SHARE करें। अपनी पसंदीदा पंक्ति कमेंट में ज़रूर लिखें 💬 #ग़ज़ल #दर्दभरीग़ज़ल #HindiGhazal #SadGhazal #BewafaShayari #TurantBikaneri #GirdhariSinghGahlot #HindiPoetry #Shayari #HindiSongs