Перейти к содержимому

Shri Sukt In Hindi - श्री सूक्त हिंदी में | लक्ष्मी प्राप्ति का वैदिक उपाय | Shri Suktam in Hindi

Mantra Sarovar

0:00 / 0:00

Shri Sukt In Hindi - श्री सूक्त हिंदी में | लक्ष्मी प्राप्ति का वैदिक उपाय | Shri Suktam in Hindi

635 511 просмотров · 3 года назад
Mantra Sarovar
240 тыс. подписчиков
635 511 просмотров · 3 года назад
Shri Sukt In Hindi - श्री सूक्त हिंदी में | लक्ष्मी प्राप्ति का वैदिक उपाय | Shri Suktam in Hindi some common searches by viewers on shri sukt or shri suktam दर्शकों द्वारा श्री सूक्त या श्री सूक्तम पर सर्च किये जाने वाले कुछ प्रश्नो के उत्तर what is shri sukt / shri suktam | shri sukt / shri suktam kya hai ? सूक्त के कई अर्थ बताये गए है जैसे सुंदर कथनअथवा सुन्दर ढंग से कहा हुआ वेद मंत्र विशेषण या भली भाँति कहा हुआ सूक्त की परिभाषा को कुछ इस प्रकार भी कहा गया है सम्पूर्णमृषिवाक्यं तु सूक्तमित्यऽभिधीयते अर्थात् मन्त्रद्रष्टा ऋषि के सम्पूर्ण वाक्य को सूक्त कहते हैँ, जिसमेँ एक अथवा अनेक मन्त्रों में देवताओं के नाम हों श्री सूक्त ऋग्वेद का खिल सूक्त है जो ऋग्वेद के पांचवें मण्डल के अन्त में है इस प्रकार श्री सूक्त का अर्थ हुआ माँ लक्ष्मी की प्रसंशा में भली भांति कहा हुआ स्तोत्र श्री सूक्त में माँ महालक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए उनकी अत्यंत प्रेम और भक्ति से प्रसंशा की गयी है shri sukt ke fayde / shri suktam ke fayde shri sukt ke labh / shri suktam ke labh श्री सूक्त के फायदे / श्री सूक्तम के फायदे श्री सूक्त के लाभ / श्री सूक्तम के लाभ इस श्री सूक्त के पाठ से दरिद्रता का नाश होता है धन, संपदा और वैभव की प्राप्ति होती है, मान, सम्मान, प्रतिष्ठा बढ़ती है, वाहन, मकान आदि में वृद्धि होती है कुंडली में अगर शुक्र कमज़ोर स्थिति में हो तो वह मज़बूत होता है , माँ लक्ष्मी और भगवान् विष्णु प्रसन्न होते हैं , स्थायी लक्ष्मी का वास होता है shri sukt / shri suktam , shri suktam path , sri suktam ka path श्री सूक्त , श्री सूक्त स्तोत्र , श्री सूक्त पाठ / श्री सूक्तम ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्त्रजाम् । चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह ॥ १ ॥ तां म आवह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम् । यस्यां हिरण्यं विन्देयं गामश्वं पुरुषानहम् ॥ २ ॥ अश्वपूर्वां रथमध्यां हस्तिनादप्रमोदिनीम् । श्रियं देवीमुप ह्वये श्रीर्मा देवी जुषताम् ॥ ३ ॥ कां सोस्मितां हिरण्यप्राकारामार्गां ज्वलन्तीं तृप्तां तर्पयन्तीम् । पद्मस्थितां पद्मवर्णां तामिहोप ये श्रियम् ॥ ४॥ चन्द्रां प्रभासां यशसा ज्वलन्तीं श्रियं लोके देवजुष्टामुदाराम् । तां पद्मिनीमीं शरणं प्र पद्ये अलक्ष्मीर्मे नश्यतां त्वां वृणे ॥ ५ ॥ आदित्यवर्णे तपसोऽधि जातो वनस्पतिस्तव वृक्षोऽथ बिल्वः । तस्य फलानि तपसा नुदन्तु या अन्तरा याश्च बाह्या अलक्ष्मीः ॥ ६॥ उपैतु माँ देवसखः कीर्तिश्च मणिना सह । प्रादुर्भूतोऽस्मि राष्ट्रेऽस्मिन् कीर्तिमृद्धिं ददातु मे ॥ ७ ॥ क्षुत्पिपासामलां ज्येष्ठामलक्ष्मीं नाशयाम्यहम् अभूतिमसमृद्धिं च सर्वां निर्णुद मे गृहात् ॥ ८ ॥ गन्धद्वारां दुराधर्षां नित्यपुष्टां करीषिणीम् । ईश्वरीं सर्वभूतानां तामिहोपह्वये श्रियम् ॥ ९ ॥ मनसः काममाकूतिं वाचः सत्यमशीमहि । पशूनां रूपमन्नस्य मयि श्रीः श्रयतां यशः ॥ १० ॥ कर्दमेन प्रजा भूता मयि सम्भव कर्दम । श्रियं वासय मे कुले मातरं पद्ममालिनीम् ॥ ११ ॥ आपः सृजन्तु स्निग्धानि चिक्लीत वस मे गृहे । नि च देवीं मातरं श्रियं वासय मे कुले ॥ १२ ॥ आर्द्रा पुष्करिणीं पुष्टिं पिङ्गलां पद्ममालिनीम् । चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह ॥ १३ ॥ आर्द्रा यः करिणीं यष्टिं सुवर्णां हेममालिनीम् । सूर्यां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह ॥ १४ ॥ तां म आवह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम् । यस्यां हिरण्यं प्रभूतं गावो दास्योऽश्वान् विन्देयं पुरुषानहम् ॥ १५ ॥ यः शुचिः प्रयतो भूत्वा जुहुयादाज्यमन्वहम्। सूक्तं पञ्चदशर्चं च श्रीकामः सततं जपेत् ॥ १६..................rest of the lakshmi suktam / lakshmi sukt is in the video shri sukt in hindi / shri sukt hindi / shri suktam in hindi / shri suktam hindi sri suktam in hindi / sri suktam hindi श्री सूक्त हिंदी में / श्री सूक्त हिंदी श्री सूक्तम हिंदी में / श्री सूक्तम हिंदी में हे जातवेदा (सर्वज्ञ) अग्निदेव ! आप सुवर्णके समान रंगवाली, किंचित् हरितवर्णविशिष्टा, सोने और चाँदीके हार पहननेवाली, चन्द्रवत् प्रसन्नकान्ति, स्वर्णमयी लक्ष्मीदेवीका मेरे लिये आवाहन करें ॥ १॥ हे अग्ने ! उन लक्ष्मीदेवीका, जिनका कभी विनाश नहीं होता तथा जिनके आगमनसे मैं सोना, गौ, घोड़े तथा पुत्रादिको प्राप्त करूँगा, मेरे लिये आवाहन करें ॥ २ ॥ जिन देवीके आगे घोड़े तथा उनके पीछे रथ रहते हैं तथा जो हस्तिनादको सुनकर प्रमुदित होती हैं, उन्हीं श्रीदेवीका मेँ आवाहन करता हूँ; लक्ष्मीदेवी मुझे प्राप्त हों ॥ ३ ॥ जो साक्षात् ब्रह्मरूपा, मन्द मन्द मुसकरानेवाली, सोनेके आवरणसे आवृत, दयार्द्र, तेजोमयी, पूर्णकामा, भक्तानुग्रहकारिणी, कमलके आसनपर विराजमान तथा पद्मवर्णा हैं, उन लक्ष्मीदेवीका मैं यहाँ आवाहन करता हूँ ॥ ४ ॥ मैं चन्द्रके समान शुभ्र कान्तिवाली, सुन्दर द्युतिशालिनी, यशसे दीप्तिमती, स्वर्गलोकमें देवगणोंके द्वारा पूजिता, उदारशीला, पद्महस्ता लक्ष्मीदेवीकी शरण ग्रहण करता हूँ। मेरा दारिद्र्य दूर हो जाय। मैं आपको शरण्यके रूपमें वरण करता हूँ ॥ ५ ॥..rest of the shri sukt / shri suktam is in the video _________________________________ स्वर - भास्कर पंडित Voice By - Bhaskar Pandit __________________________________ "लगाइये आस्था की डुबकी " ~ मंत्र सरोवर ~ @Mantra Sarovar _________________________________ #mantrasarovar #shrisuktinhindi #shrisuktaminhindi