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लगा रूहानी मेला | 16 september murli song | BK MURLI SONGS #BrahmaKumaris

BK MURLI SONGS

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लगा रूहानी मेला | 16 september murli song | BK MURLI SONGS #BrahmaKumaris

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पाँच हज़ार बरस के बाद, आई संगम बेला — आत्मा से परमात्मा का, लगा रूहानी मेला। 16 सितम्बर की साकार मुरली का सार — यह सच्चा कुम्भ है: आत्माओं और परमात्मा का पाँच हज़ार वर्ष बाद वाला मेला। हम रूहानी यात्री हैं; याद की यात्रा से विकर्म विनाश होकर विकर्माजीत बनते हैं। शिव बाबा निराकार, पतित-पावन, ज्ञान-सागर है, जो सम्मुख बैठ सत्य अमर कहानी सुनाता है। घर-गृहस्थी में रहते, एक बाप से सच्चा मोह रखो और बाकी सब ट्रस्टी बनकर संभालो — नॉलेजफुल बच्चे सदैव मुस्कराते हैं, और बेहद का वर्सा पाते हैं। "सत्य ज्ञान का अमृत पीकर, झूले मन अलबेला।" 00:00 ओ मेरे बाबा… कल्प-वृक्ष की छाँव में जागी, आज अलौकिक भोर 00:43 पाँच हज़ार बरस के बाद, आई संगम बेला 01:35 रूहानी इस यात्रा पर अब, जागी दिव्य निशानी 01:48 सम्मुख बैठ सुनाए बाबा, सत्य अमर कहानी 02:11 आत्मा से परमात्मा का, लगा रूहानी मेला 02:49 गोपी-वल्लभ बन कर आया, शिव बाबा सुखदाता 03:04 बेहद का वो वर्सा देकर, अमर बनाता नाता 03:27 पाँच हज़ार बरस के बाद, आई संगम बेला 04:20 आत्मा से परमात्मा का, लगा रूहानी मेला… ॐ शान्ति। #BrahmaKumaris #MurliSong #RoohaniMela #SangamYug #ShivBaba #BKMurliSongs