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रस घणो उपजावती, सखी मीठड़े स्वर गावती । नव नवा रंग ल्यावती, इंद्रावती अंग धरी धरी । । १० ।। 1

कुलजम स्वरूप वाणी चौपाइयां

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रस घणो उपजावती, सखी मीठड़े स्वर गावती । नव नवा रंग ल्यावती, इंद्रावती अंग धरी धरी । । १० ।। 1

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कुलजम स्वरूप वाणी चौपाइयां
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सखियाँ अति मीठे स्वरों में गीत गा रही हैं, जिससे सबके हृदय में अपार आनन्द छा रहा है। श्री इन्द्रावती जी अपने हृदय में प्रियतम के प्रति अपार प्रेम लेकर रास की नयी - नयी क्रीड़ाओं से अत्यधिक आनन्द प्रकट कर रही हैं। #parnamibhajan #pranamitv #pranami_media #pranami_bhajan #pranami