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चक्र घुमाया भीम ने | Dhammachakra Pravartan Din 2026 | Jai Bhim Song with Lyrics | Deekshabhoomi

Smaran Music | स्मरण म्यूज़िक

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चक्र घुमाया भीम ने | Dhammachakra Pravartan Din 2026 | Jai Bhim Song with Lyrics | Deekshabhoomi

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चक्र घुमाया भीम ने 🙏 धम्मचक्र प्रवर्तन दिन (14 अक्टूबर) और अशोक विजयादशमी पर दीक्षाभूमि (20 अक्टूबर 2026) के लिए बाबासाहेब डॉ. आंबेडकर को समर्पित गीत। Jai Bhim Song 2026 with Lyrics | Namo Buddhay ⏱ Chapters 0:00 शुरुआत 0:19 मुखड़ा 0:42 अंतरा 1 0:59 मुखड़ा 1:19 अंतरा 2 1:38 मुखड़ा 2:16 अंतरा 3 2:32 मुखड़ा 2:50 अंतरा 4 3:07 ब्रिज 3:27 मुखड़ा 3:44 समापन 📜 Lyrics बुद्धं सरणं गच्छामि बोलो जय भीम (नमो बुद्धाय) चक्र घुमाया भीम ने, धम्म का चक्र घुमाया (जय भीम) नागपुर की धरती पे, सबको गले लगाया (नमो बुद्धाय) भेदभाव का अंधियारा, बाबा ने मिटाया (जय भीम) जय भीम का नारा, सबने मिलके गाया (नमो बुद्धाय) चौदह अक्टूबर छप्पन का, था वो दिन निराला उजले कपड़े, उजले मन, हर चेहरा मतवाला बाबासाहेब ने बुद्ध की, शरण में शीश झुकाया लाखों ने भी साथ में उनके, नया सवेरा पाया चक्र घुमाया भीम ने, धम्म का चक्र घुमाया (जय भीम) नागपुर की धरती पे, सबको गले लगाया (नमो बुद्धाय) भेदभाव का अंधियारा, बाबा ने मिटाया (जय भीम) जय भीम का नारा, सबने मिलके गाया (नमो बुद्धाय) बुद्ध, धम्म और संघ मिला, तीन रतन अनमोल सच बोलो, हिंसा छोड़ो, मीठे बोलो बोल शिक्षित बनो, संगठित रहो, बाबा ने समझाया अपने हक की खातिर लड़ना, उनसे ही तो आया चक्र घुमाया भीम ने, धम्म का चक्र घुमाया (जय भीम) नागपुर की धरती पे, सबको गले लगाया (नमो बुद्धाय) भेदभाव का अंधियारा, बाबा ने मिटाया (जय भीम) जय भीम का नारा, सबने मिलके गाया (नमो बुद्धाय) सिर पे गठरी, गोद में बच्चा, लाखों आते हर साल दीक्षाभूमि की माटी चूमें, ऊँचा करके भाल संविधान की पोथी लेकर, दादी घर को आई बोली पोते, ये है अपनी, सबसे बड़ी कमाई चक्र घुमाया भीम ने, धम्म का चक्र घुमाया (जय भीम) नागपुर की धरती पे, सबको गले लगाया (नमो बुद्धाय) भेदभाव का अंधियारा, बाबा ने मिटाया (जय भीम) जय भीम का नारा, सबने मिलके गाया (नमो बुद्धाय) बेटी पढ़ के बनी डॉक्टर, बेटा बना वकील बाबा के सपनों की सबने, जला दी है कंदील घर घर में अब ग्यान का दीपक, घर घर में सम्मान सबसे पहले भारत अपना, सबसे ऊपर संविधान किसने दी पहचान? (बाबा भीम ने) किसने दिया संविधान? (बाबा भीम ने) किसने दिखाई राह? (बाबा भीम ने) किसने दिया सम्मान? (बाबा भीम ने) बोलो जय भीम (नमो बुद्धाय) बोलो जय भीम (नमो बुद्धाय) चक्र घुमाया भीम ने, धम्म का चक्र घुमाया (जय भीम) नागपुर की धरती पे, सबको गले लगाया (नमो बुद्धाय) भेदभाव का अंधियारा, बाबा ने मिटाया (जय भीम) जय भीम का नारा, सबने मिलके गाया (नमो बुद्धाय) जय भीम जय भीम (नमो बुद्धाय) जय भीम जय भीम (नमो बुद्धाय) 🙏 Meaning • मुखड़ा: बाबासाहेब ने धम्म का चक्र घुमाया, नागपुर की धरती पर लाखों को गले लगाया और भेदभाव का अंधेरा मिटाया। • अंतरा 1: 14 अक्टूबर 1956, उजले कपड़ों में लाखों लोग; बाबासाहेब ने बुद्ध की शरण ली और सबने नया सवेरा पाया। • अंतरा 2: बुद्ध, धम्म, संघ के तीन रत्न, सच और अहिंसा; 'शिक्षित बनो, संगठित रहो' और अपने हक के लिए लड़ना बाबासाहेब ने सिखाया। • अंतरा 3: हर साल लाखों लोग दीक्षाभूमि आते हैं; दादी संविधान की किताब घर लाकर कहती हैं, यही सबसे बड़ी कमाई है। • अंतरा 4: आज बेटी डॉक्टर और बेटा वकील है; घर घर ज्ञान और सम्मान है, भारत सबसे पहले और संविधान सबसे ऊपर। English: A song of thanks for 14 October 1956, when Babasaheb Ambedkar turned the wheel of the Dhamma at Nagpur, and for the dignity, education and Constitution that followed. #JaiBhim #DhammachakraPravartanDin #Deekshabhoomi