खाक जान तो खाक में रलि जावै | कबीर भजन | सुन्न समाधि और आत्मज्ञान | SY Raga
SY Raga
0:00 / 0:00
खाक जान तो खाक में रलि जावै | कबीर भजन | सुन्न समाधि और आत्मज्ञान | SY Raga
185 просмотров · 4 дня назад
SY Raga
121 подписчик
185 просмотров · 4 дня назад
खाक जान तो खाक में रलि जावै, तब आपु गुलाब समाइये जी।
संत कबीर की वाणी मनुष्य को बाहरी आडंबर से भीतर की अनुभूति की ओर ले जाती है। इस भजन में कबीर साहेब देह की नश्वरता, नूर की पहचान, सुन्न समाधि और अंततः उस आध्यात्मिक अवस्था की ओर संकेत करते हैं जहाँ जीव और परम सत्य के बीच का भेद मिटने लगता है।
भजन की पंक्तियाँ हमें स्मरण कराती हैं कि जीवन एक नदी और नाव के संजोग की तरह है—मिलना और बिछड़ना इस संसार की गति है। किंतु आत्मिक दृष्टि से देखने पर वही चेतना सबमें व्याप्त दिखाई देती है।
भजन की प्रमुख पंक्तियाँ:
खाक जान तो खाक में रलि जावै,
तब आपु गुलाब समाइये जी।
यह नूर नवी तहकीक करै,
तब आदि मुराद को पाइये जी।
असमान की दृष्टि को गर्द करै,
तब सुन्न समाधि लगाइये जी।
सुन्न छोड़ि बेसुन्न ते रहित होवै,
तब धाम कबीर का पाइये जी।
वार पार की हद्द हदूद देखो,
बिच आवना जावना लेखा है।
नदी नाव का यह संजोग बना,
तहाँ मिलना जुलना देखा है।
देख भालि के यों आनंद करो,
हम तुम में एक परे क्या है।
कोई वार रहै कोई पार रहै,
दया संग कबीर बिबेका है।
🙏 कबीर साहेब की वाणी को सुनें, समझें और अपने जीवन में उसके संदेश पर चिंतन करें।
अगर आपको संत कबीर की वाणी, निर्गुण भजन और आध्यात्मिक संगीत पसंद है तो SY Raga को Subscribe करें और इस भजन को अपने प्रियजनों के साथ साझा करें।
🔔 Subscribe: SY Raga
🎵 कबीर वाणी | भजन | आध्यात्मिक संगीत | राग एवं भारतीय संगीत
#KabirBhajan #KabirVani #KabirDas #निर्गुणभजन #आत्मज्ञान #सुन्नसमाधि #KabirKeDohe #SpiritualMusic #Bhakti #SYRaga
#KabirBhajan #KabirVani #KabirDas #निर्गुणभजन #आत्मज्ञान #सुन्नसमाधि #SYRaga
अगर आपको संत कबीर की वाणी, निर्गुण भजन और आध्यात्मिक संगीत पसंद है तो SY Raga को Subscribe करें और इस भजन को अपने प्रियजनों के साथ साझा करें।
🔔 Subscribe: SY Raga
🎵 कबीर वाणी | भजन | आध्यात्मिक संगीत | राग एवं भारतीय संगीत
#KabirBhajan #KabirVani #KabirDas #निर्गुणभजन #आत्मज्ञान #सुन्नसमाधि #KabirKeDohe #SpiritualMusic #Bhakti #SYRaga