सोभा सिन्धु न अन्त रही री Krishna Utsav Song 6 सूरदास जन्मोत्सव पद Janmashtami Bhajan
GitaJi
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सोभा सिन्धु न अन्त रही री Krishna Utsav Song 6 सूरदास जन्मोत्सव पद Janmashtami Bhajan
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🌸 गीताजी प्रस्तुत करते हैं — कृष्ण उत्सव | Song 6 🌸
“सोभा-सिन्धु न अन्त रही री,
ब्रज की गलियों प्रेम बही री…”
श्रीकृष्ण के जन्म का आनंद अब नंद-भवन तक सीमित नहीं रहा। दही के मंगल-कलश लिए ब्रज-वनिताएँ घर-घर बधाई बाँट रही हैं। पुष्प बरस रहे हैं, हर द्वार सज रहा है और पूरे गोकुल में एक ही नाम गूँज रहा है—कृष्ण कन्हाई!
यह आनंदमय पद उस दिव्य क्षण का भाव है जब यशोदा की गोद में आए नन्हे कान्हा की छवि एक अनंत सौंदर्य-सागर बनकर पूरे ब्रज में बहने लगी।
🎶 कृष्ण उत्सव — सात दिव्य पदों में श्रीकृष्ण जन्म की सम्पूर्ण भावयात्रा
Song 6: सोभा-सिन्धु न अन्त रही री
🙏 अगला एवं अंतिम पद एक भावपूर्ण लोरी है—
“जसोदा हरि पालनैं झुलावै…”
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राधे राधे 💙 जय श्रीकृष्ण 🙏
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