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सतरंगी झंडा महत्व ll जाने पूरी जानकारी ll राष्ट्रीय पूनेमसार सीताराम बरकडे गुरु जी पातालकोट वाले

SATYAM UIKEY BHOI

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सतरंगी झंडा महत्व ll जाने पूरी जानकारी ll राष्ट्रीय पूनेमसार सीताराम बरकडे गुरु जी पातालकोट वाले

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SATYAM UIKEY BHOI
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सतरंगी झंडा का महत्व (आदिवासी समाज) सतरंगी झंडा आदिवासी समाज, विशेषकर गोंडी कोयपुनेम परंपरा में एकता, पहचान, संस्कृति, प्रकृति और मानवता का प्रतीक माना जाता है। यह हमें अपने पूर्वजों की विरासत, सामाजिक समरसता और प्रकृति के संरक्षण का संदेश देता है। मुख्य संदेश: 🌈 सात रंग – विविधता में एकता और जीवन के विभिन्न मूल्यों का प्रतीक। 🌿 जल, जंगल और जमीन – प्रकृति की रक्षा और उसके प्रति सम्मान का संदेश। 🤝 समाज की एकता – सभी लोगों को समान सम्मान और भाईचारे की प्रेरणा। 📚 संस्कृति और परंपरा – गोंडी रीति-रिवाज, भाषा और पहचान को सुरक्षित रखने का संकल्प। 🕊️ शांति, सेवा और मानवता – समाज की सेवा और सद्भाव का मार्ग। सत्यम ऊईके भोई 7024924781 "सतरंगी झंडा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की पहचान, संस्कृति, एकता और स्वाभिमान का प्रतीक है। हर आदिवासी युवक-युवती को इसके महत्व को समझना चाहिए।" जय सेवा। जय बड़ादेव।