Перейти к содержимому

मैहर मंदिर | जहां रोज आते हैं आल्हा-ऊदल | MAIHAR DEVI TEMPLE| ALHA UDAL| #maihar #maihartemple

See top

0:00 / 0:00

मैहर मंदिर | जहां रोज आते हैं आल्हा-ऊदल | MAIHAR DEVI TEMPLE| ALHA UDAL| #maihar #maihartemple

35 145 просмотров · 11 месяцев назад
See top
202 подписчика
35 145 просмотров · 11 месяцев назад
मैहर मंदिर | जहां रोज आते हैं आल्हा-ऊदल | MAIHAR DEVI TEMPLE| ALHA UDAL| #maihar #maihartemple मैहर देवी के शक्तिपीठ मंदिर का रहस्य, जिसे वैज्ञानिक सुलझाने में नाकाम रहे। भारत में ऐसे मंदिरों की कमी नहीं है जिनके साथ कोई ना कोई रहस्य जुड़ा हुआ है। कहीं भक्ति का रहस्य तो कहीं शक्ति का रहस्य। ऐसा ही मंदिर मध्य प्रदेश के सतना जिले में मौजूद है – मैहर की माता शारदा का प्रसिद्ध मंदिर। 51 शक्तिपीठों में एक मां शारदा का यह धाम त्रिकूट पर्वत की ऊंची पहाड़ी पर है। इस मंदिर में दिन के वक्त भक्तों की भीड़ रहती ही है, लेकिन रात होते ही इस मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि सदियों से यहां शारदा मां के परम भक्त उनकी पूजा करते जाते हैं। यह भी कहा जाता है कि कोई भी व्यक्ति इस मंदिर में रात को रुक नहीं सकता। अगर कोई रुकता है तो उसकी मौत हो जाती है। रात होने पर इस मंदिर के कपाट बंद हो जाने के बाद पुजारी पहाड़ से नीचे चले जाते हैं और वहां पर कोई नहीं रह जाता। कहा जाता है कि मंदिर के कपाट बंद हो जाने के बाद अंदर से घंटी और पूजा करने की आवाज आती है। लोग कहते हैं कि मंदिर के बंद हो जाने के बाद शारदा मां के भक्त आल्हा और उदल ही सुबह की पहली आरती करते हैं। मंदिर में रात गुजारने की मनाही है, रात में रुकने वाले की मौत हो जाती है। सुबह जब मंदिर को खोला जाता है तो कुछ ना कुछ रहस्यमय अजूबों के दर्शन होते हैं। कभी मंदिर का आंगन रोशनी से सराबोर रहता है तो कभी मंदिर में खुशबू भरी होती है। इतना ही नहीं, अक्सर मंदिर के गर्भगृह में मां शारदा के ऊपर फूल भी चढ़े होते हैं। कहा जाता है कि आल्हा उदल ने घने जंगलों वाले इस पहाड़ पर मां शारदा के स्थान की न सिर्फ खोज की थी, बल्कि 12 साल तक लगातार तपस्या करके माता से अमर होने का वरदान भी ले लिया था। मान्यता यह भी है कि इन दोनों भाइयों ने माता को खुश करने के लिए अपनी जेब तक अर्पण कर दी थी, जिसे मां शारदा ने उन्हें वापस कर दिया था। माता के इस मंदिर को मैहर देवी का शक्तिपीठ कहा जाता है। मैहर का मतलब होता है मां का हार। माना जाता है कि मां सती का यहां हार गिरा था। कहा जाता है कि जब भगवान शंकर सती के शव को कंधे पर लेकर तांडव कर रहे थे, तभी उनके गले से निकलकर हार इस पहाड़ पर गिरा था। इसलिए इसे शक्ति पीठों में गिना जाता है। यह मंदिर पहाड़ की चोटी पर बना है। यहां पहुंचने के लिए करीब 1063 सीढ़ियां चढ़ने के बाद ही माता के दर्शन होते हैं। इस मंदिर में सदियों से शारदा मां की पहली आरती आल्हा ही करते आ रहे हैं। मैहर देवी के महंत की मानें तो अभी भी मां का पहला श्रृंगार आल्हा ही करते हैं। मंदिर के इस रहस्य को जानने के लिए कई टीमें यहां आ चुकी हैं, लेकिन रहस्य अभी भी बरकरार है। ऐसा कहा जाता है कि पिरामिड के आकार का मां शारदा का यह मंदिर 522 ईसा पूर्व से यहां पर है। ऐसा भी कहा जाता है कि 522 ईसा पूर्व में चतुर्दशी के दिन पीपल देव ने यहां सांविधिक स्थापना की थी। ऐतिहासिक दस्तावेजों में इसके सबूत भी मिलते हैं। आज भी हजारों-लाखों श्रद्धालु यहां अपनी मनोकामनाओं के साथ आते हैं। कहते हैं कि जिसने भी सच्चे मन से मां शारदा का आह्वान किया है, उसकी झोली कभी खाली नहीं लौटी। मां शारदा विद्या और ज्ञान की देवी मानी जाती हैं। इसलिए यहां विद्यार्थी और कलाकार विशेष रूप से दर्शन करने आते हैं। मंदिर से जुड़ा एक और रहस्य यह है कि कई भक्तों ने रात में पर्वत के आसपास दिव्य रोशनी और अलौकिक छाया देखे जाने का दावा किया है। कुछ लोग कहते हैं कि यह आल्हा-उदल के दिव्य रूप हैं, जो आज भी मां के आदेश पर मंदिर की रक्षा कर रहे हैं। शायद यही कारण है कि सदियों से यहां की परंपराएं, रहस्य और आस्था लोगों के दिलों में अडिग बने हुए हैं। और चाहे विज्ञान कितनी भी कोशिश कर ले, लेकिन इस मंदिर के रहस्यों को आज तक कोई पूरी तरह उजागर नहीं कर पाया। News,viral,news,world,india,hindi,facts,countries,revealed,myth,facts,hindi,science,technology,ancient mystery,people,amazing,alien,history,bollywood,movie,mysterious,video,monuments,vlogs,monuments,vlogs,travel,hindi news,news hindi,social media,horror hindi stories,haunted hindi stories,real horror,stories hindi,haunted events in hindi,historical place,India tour,best vlogs,Tour u0026 travel historical place,India tour,best vlogs,Heritage of India,Tour u0026 travel