पातालकोट : 3000 फीट नीचे रहस्यमयी दुनिया ! PATALKOAT ! Patallok ka Dwar
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पातालकोट : 3000 फीट नीचे रहस्यमयी दुनिया ! PATALKOAT ! Patallok ka Dwar
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पातालकोट - एक अदभुत रहस्य ! Patalkot Chhindwaarha - The hidden world
पातालकोट, मध्य प्रदेश के छिन्दवाड़ा जिले के तामिया तहसील में स्थित एक घाटी है। दक्षिण मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा शहर से लगभग ७५ किलोमीटर दूरी पर स्थित यह विशालकाय घाटी का धरातल लगभग ३००० फीट नीचे है। तकरीबन 89 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली यह घाटी सदियों तक बाहरी दुनिया के लिए अनजान और अछूती बनी रही। पातालकोट में 12 गांव बसे हुए हैं। ये गांव जमीन से 1700 फीट नीचे बसे हुए हैं इस विहंगम घाटी में गोंड और भारिया जनजाति के आदिवासी रहते हैं।
इस जगह के बारे में एक और मान्यता यह है कि भगवान शिव की पूजा कर रावण का पुत्र मेघनाद इस स्थान से ही पाताल लोक गया था। जिसकी वजह से इस जगह के बारे में यह कहा जाता है कि यह पाताल लोक जाने का दरवाजा है। हैं। भारिया जनजाति के लोगों का मानना है कि पातालकोट में ही रामायाण की सीता पृथ्वी में समा गई थीं। जिससे यहां एक गहरी गुफा बन गई थी ये स्थान दुर्लभ जड़ी -बूटियों के लिए प्रसिद्ध है। अगर आप साहसी है और रोमांच पसंद करते हैं तो यह जगह आप लोगों के लिए कई रहस्य छुपाय़े हुए हैं
रामायण काल से जुड़ा है इस जगह का इतिहास
कैसे पहुंचे पातालकोट
पातालकोट अब एक दार्शनिक स्थल बन चुका है। पहले शहरी लोग यहां जाने से डरते थे क्योंकि यहां का रास्ता दुर्गम था और बीच में कई जंगली जानवर भी मिल जाते थे। साथ ही यहां रहने वाले आदिवासियों को शहरी लोगों का आना भी नहीं पसंद था। मगर अब ऐसा नहीं है। पातालकोट में मौजूद कुछ गांव ऐसे है जो बाहरी दुनिया के लोगों का बांह फैला कर स्वागत करते हैं। पातालकोट के दर्शनीय स्थलो में, रातेड, कारेआम, नचमटीपुर, दूधी तथा गायनी नदी का उद्गम स्थल और राजाखोह प्रमुख है। यहां पहुंचने के लिए 5 अलग-अलग रास्ते हैं। मगर आप जिस रास्ते से भी नीचे जाएंगे वहां से आपको हजारों सीढ़ीयां नीचे उतरना होगा। साथ ही कुछ ऐसे स्थान भी आपको मिलेंगे जहां आपको पगडंडियों पर चलना होगा।
इस स्थान तक पहुंचने का मार्ग
अगर आप पातालकोट हवाई मार्ग से पहुंचना चाहते हैं तो आपको नागपुर तक फ्लाइट लेनी होगी फिर आप सड़क मार्ग से यहां तक पहुंच सकते हैं। वहीं रेल मार्ग से यहां आने के लिए सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन छिंदवाड़ा है।
कई औषधीय जड़ी-बूटियों का घर है पातालकोट -
पातालकोट में आपको हर जगह घने पत्ते देखने को मिलेंगे। इसके अलावा यह जगह कई औषधीय जड़ी-बूटियां, पौधों, जानवरों और पक्षियों का घर भी है। घाटी में रहने वाले लोगों के लिए पानी का एकमात्र साधन दूधी नदी है। दिलचस्प बात यह है कि दोपहर के बाद पूरा क्षेत्र अंधेरे से इतना घिर जाता है कि सूरज की रोशनी भी इस घाटी की गहराई तक पहुंच नहीं पाती।
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