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#भाग -04,#सूरमा चुहरमल देखिये कैसे अपनी पत्नी को कोहबर में छोड़ के #राजा के दरबार जाता है#subscribe

Rupa nach studio

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18 018 просмотров · 1 месяц назад
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WELCOME TO MY YOUTUBE CHANNEL -RUPA NACH STUDIO...........🙏 👉यदि आप यहां आ रहे हैं तो कृपया सदस्यता लें और पसंद करें...धन्यवाद...🙏 👉हमारे इस चैनल पर आप सभी पारकर के बिदेशिया नाच पार्टी के वीडियो का आनंद ले सकते हैं...🙏 👉अगर हमने आपका कोई भी कंटेंट इस्तेमाल किया है तो आप सीधे हम संपर्क कर सकते हैं... हम आपका कंटेंट डिलीट कर देंगे अपने यूट्यूब चैनल पेज से... धन्यवादll 👉🚭 NOTICE-कृपया आप कॉपीराइट क्लेम करने से पहले एक बार हमसे संपर्क कर सकते हैं....अगर आपका कंटेंट इस्तेमाल होगा तो...हम डिलीट कर देंगे...🙏 👉#भाग -04बाबाचुहरमल...और रानी चंद्रावती चिर चोली चोरी....जबरदस्त सीन और जोकर का नोक झोक....📸❣️ 👉यह वीडियो 'बिदेशिया नाच' परंपरा की एक लोक कला प्रस्तुति है, जिसमें पौराणिक और सामाजिक कथाओं का मिश्रण देखने को मिलता है। इस भाग (भाग-01) की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं: कलाकारों का परिचय और वंदना: वीडियो की शुरुआत में कलाकारों द्वारा अपने पात्रों का परिचय दिया जाता है, जिनमें इंदल कुमार, कुमारी कंचन और जंग रुदल सिंह (जिन्हें उदय चंद्र भी कहा जाता है) शामिल हैं (0:01 - 0:29)। इसके बाद देवी सरस्वती, दुर्गा भवानी और भगवान शिव-शंकर की स्तुति और वंदना की गई है (6:11 - 14:06)। कथा का मुख्य संदर्भ: कहानी का केंद्र बाबा चुहरमल का किरदार है, जो राजा कुलेश्वर सिंह के दरबार में कार्यरत हैं (9:11 - 10:20)। वे अपने महाराज से 12 वर्षों के बाद अपनी धर्मपत्नी से गौना (मिलन) कराने के लिए आठ दिन की छुट्टी माँगने की योजना बनाते हैं (10:21 - 10:56)। दरबारी संवाद और हास्य: वीडियो का एक बड़ा हिस्सा मंत्री और राजा के बीच के हास्यपूर्ण संवादों को समर्पित है (16:39 - 24:07)। इसमें दरबार की व्यवस्था, सिंहासन लगाने और राज्य के समाचारों पर चर्चा की गई है। मंत्री और राजा के बीच की बातचीत में काफी नोक-झोंक देखने को मिलती है (23:53 - 32:45), जो ग्रामीण मनोरंजन की पारंपरिक शैली को दर्शाती है। अन्य जानकारी: प्रस्तुति के दौरान दर्शकों और स्थानीय लोगों द्वारा दिए गए सम्मान और पुरस्कारों का भी उल्लेख है (11:05 - 12:04), साथ ही मेले में खोए हुए एक बच्चे के बारे में एक आवश्यक सूचना भी दी गई है (14:40 - 15:01)। 👉महत्वपूर्ण जानकारी: यह एक पारंपरिक लोक कला प्रस्तुति है, जिसमें गायन, अभिनय और स्थानीय भाषा के संवादों का उपयोग करके दर्शकों का मनोरंजन किया गया है। इसमें सामाजिक और पौराणिक कथाओं का मिश्रण देखने को मिलता है। यह वीडियो ग्रामीण मनोरंजन की पारंपरिक शैली का एक जीवंत उदाहरण है, जो लोक संस्कृति के संरक्षण और प्रदर्शन को समर्पित है। 👉Video Is For Educational Purpose Only. Copyright Disclaimer: Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for "fair use" for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing.Non-profit, educational or personal use tips the balance in favor of fair use