Varshamangal
RajghatBesantSchool Varanasi
0:00 / 0:00
Varshamangal
24 просмотра · 13 дней назад
RajghatBesantSchool Varanasi
700 подписчиков
24 просмотра · 13 дней назад
वर्षामंगल
वर्षामंगल की सभा में वर्षा ऋतु का स्वागत कविताओं और संगीत के माध्यम से किया गया। प्रसिद्ध कवियों की वर्षा पर लिखी कविताओं की विद्यार्थियों द्वारा भावपूर्ण प्रस्तुति ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। विद्यार्थियों ने वर्षा से जुड़ी कविताएँ तीन भाषाओं में प्रस्तुत कीं।
इसके बाद कक्षा 10 के विद्यार्थियों ने भारतीय संगीत की विभिन्न परंपराओं में वर्षा के भाव को प्रस्तुत किया।
शास्त्रीय संगीत के अंतर्गत राग मेघ और मियाँ मल्हार से मिश्रित छोटा ख्याल, द्रुत एकताल में निबद्ध बंदिश “गरज गरज आज मेघ घनन-घनन छायो री” प्रस्तुत की गई।
दूसरी प्रस्तुति में राग मियाँ मल्हार में एक तराना प्रस्तुत किया गया।
इसके बाद उप-शास्त्रीय संगीत के अंतर्गत राग देश में बनारस घराने का पारंपरिक दादरा “महाराजा केवड़िया खोल, रस की बूंद पड़े” प्रस्तुत किया गया।
अंत में लोक संगीत की परंपरा से राग खमाज पर आधारित प्रसिद्ध हिंडोला (झूला) “जमुना किनारे पड़ा हिंडोल, बंशीवाले सांवरिया” प्रस्तुत किया गया।
कविता और संगीत के इन विविध रूपों के माध्यम से विद्यार्थियों ने वर्षा ऋतु के अलग-अलग रंगों और भावों को सामने रखा।