त्रिपुरान्तक महादेव
The Devine Songs
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त्रिपुरान्तक महादेव
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Title: त्रिपुरान्तक महादेव
Lyrics:
[INTRO — धीमा डमरू]
डम डम डमरू बाजे,
हर हर शिव नाम साजे,
कैलाश धाम जगमगाए,
शंभू रूप मन को भाए।
ॐ नमः शिवाय बोले,
ॐ नमः शिवाय डोले,
गूँजे नभ में जयकार,
महादेव अपार!
[VERSE 1 — कथा आरंभ]
तारक के तीनों बालक,
वीर बने बलशाली,
तारकाक्ष और कमलाक्ष,
विद्युन्माली निराली।
तीनों ने तप भारी साधा,
ब्रह्मा जी को ध्यान लगाया,
वर पाने की इच्छा लेकर,
मन में एक संकल्प जगाया।
अमरत्व की माँग उठी तो,
ब्रह्मा बोले — संभव ना,
मृत्यु से बचने का वर माँगो,
तीनों बोले — ऐसा वर ना।
तीन नगर हों अलग-अलग,
मृत्यु तभी हो जब एक हों,
एक ही बाण लगे तीनों पर,
तभी हमारे प्राण हों।
[BUILD — डमरू तेज़]
स्वर्णपुरी नभ में चमकी,
रजतपुरी नभ में दमकी,
लौहपुरी धरती पर आई,
तीनों ने माया फैलायी।
तीन नगर कहलाए त्रिपुरा,
अद्भुत उनकी छवि थी पूरी,
बल बढ़ता गया असुरों का,
बढ़ती गई उनकी दूरी।
[PRE-CHORUS]
शुरू हुआ फिर अत्याचार,
काँपा धरती का संसार,
देव गए कैलाश द्वार,
बोले — शंभू करो उद्धार!
[CHORUS — FULL ENERGY]
हर हर महादेव, डम डम डमरू बाजे,
जय जय त्रिपुरान्तक, नभ धरती सब साजे।
त्रिपुरा नगरी काँपे, गूँजे शिव की हुंकार,
एक दिव्य बाण से होगा, अधर्म का संहार।
हर हर महादेव, गूँजे चारों धाम,
त्रिपुरान्तक शिव शंकर, अमर रहे तेरा नाम।
डम डम डमरू बाजे, नाचे सारा संसार,
जय जय भोलेनाथ की, जय हो बारंबार!
[VERSE 2 — शिव का दिव्य रथ]
धरती बनी रथ की धरती,
सूरज-चंदा बने पहिए,
ब्रह्मा बने सारथी,
देव सभी संग खड़े हुए।
मेरु बना धनुष विशाल,
वासुकि बनी प्रत्यंचा,
विष्णु बने दिव्य बाण की शक्ति,
अग्नि बनी उसकी ज्वाला।
देवों ने शक्ति अर्पित की,
शिव ने धनुष उठाया,
त्रिपुरा की ओर देखकर,
काल ने रूप दिखाया।
[DAMRU BREAK]
डम — डम — डम!
डम — डम — डम!
गूँजा शिव का नाम!
हर — हर — हर!
हर — हर — हर!
काँपा सारा धाम!
[VERSE 3 — तीनों नगर एक]
युगों बाद वो क्षण आया,
तीनों नगर एक हुए,
स्वर्ण-रजत और लौह नगर,
एक पथ पर संग हुए।
शिव ने अपना धनुष उठाया,
थमा हुआ संसार,
एक निशाना, एक ही बाण,
एक हुआ संहार।
नेत्रों में ज्वाला जागी,
हाथों में शक्ति आई,
शिव के दिव्य बाण ने जाकर,
त्रिपुरा की सीमा मिटाई।
[DROP — MAXIMUM ENERGY]
डम डम डमरू गर्जा!
हर हर महादेव!
त्रिपुरा का अभिमान टूटा!
हर हर महादेव!
स्वर्णपुरी जलकर राख हुई,
रजतपुरी भी राख हुई,
लौहपुरी का मान मिटा,
अधर्म की फिर हार हुई!
त्रिपुरान्तक नाम पड़ा,
जय जय शिव शंकर!
त्रिपुरारि नाम गूँज उठा,
जय जय भोले शंकर!
[CHORUS — REPEAT WITH BIGGER DRUMS]
हर हर महादेव, डम डम डमरू बाजे,
जय जय त्रिपुरान्तक, नभ धरती सब साजे।
त्रिपुरा नगरी काँपे, गूँजे शिव की हुंकार,
एक दिव्य बाण से हुआ, अधर्म का संहार।
हर हर महादेव, गूँजे चारों धाम,
त्रिपुरान्तक शिव शंकर, अमर रहे तेरा नाम।
डम डम डमरू बाजे, नाचे सारा संसार,
जय जय भोलेनाथ की, जय हो बारंबार!
[BRIDGE — DEVOTIONAL]
त्रिपुरा केवल नगर नहीं,
मन का भी संसार,
काम क्रोध और मोह मिटा दे,
शिव नाम करे उद्धार।
अहंकार जब मन में जागे,
शिव का नाम पुकार,
भीतर की त्रिपुरा जला दे,
ज्ञान बने तलवार।
भस्म रमाए भोले बाबा,
शीश धरे चंद्राकार,
जटा में गंगा, कंठ नील है,
शिव हैं जग आधार।
[FINAL BUILD]
कैलाशपति, विश्वनाथ,
नीलकंठ भगवान,
पशुपति, शंभू, महाकाल,
तेरा ऊँचा नाम।
त्रिपुरान्तक, त्रिपुरारि,
तेरी महिमा भारी,
तेरे नाम की ज्योति जले तो,
मिटे रात अंधियारी।
[FINAL DROP — TANDAV]
डम डम डमरू बाजे!
हर हर महादेव!
गर्जे नभ और धरती!
हर हर महादेव!
त्रिपुरान्तक महादेव!
जय जय महादेव!
त्रिपुरारि महादेव!
जय जय महादेव!
तीन पुरों के संहारक!
जय जय महादेव!
अधर्म के विनाशक!
जय जय महादेव!
भोलेनाथ की जय!
शंकरनाथ की जय!
नीलकंठ की जय!
महाकाल की जय!
हर हर महादेव!
हर हर महादेव!
हर हर महादेव! 🔱
[OUTRO — SLOW DAMRU]
डम… डम… डमरू बाजे…
शिव… शिव… नाम ही साजे…
ॐ नमः शिवाय…
ॐ नमः शिवाय…
हर हर महादेव…
Credits :)
1.Lyrics by Me
2.Music generated with Suno AI
3.Photo from Gemini
4.Edited by me using InShot app