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पितृपक्ष में गीता का 11वां अध्याय सुनें | पितरों की शांति और मोक्ष का रहस्य | श्री कृष्ण

Knowledge gyaany

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पितृपक्ष में गीता का 11वां अध्याय सुनें | पितरों की शांति और मोक्ष का रहस्य | श्री कृष्ण

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पितृपक्ष के पावन समय में श्रीमद्भगवद्गीता के 11वें अध्याय यानी विश्वरूप दर्शन योग का आध्यात्मिक महत्व समझिए। श्री कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिखाए गए विराट स्वरूप में जीवन, मृत्यु, आत्मा, कर्म, समय और ईश्वर के गहरे रहस्य छिपे हैं। क्या पितृपक्ष में गीता का श्रवण पितृ-स्मरण और आध्यात्मिक साधना का माध्यम बन सकता है? पितरों के प्रति सच्ची श्रद्धा क्या है? मृत्यु के बाद आत्मा के विषय में गीता क्या दृष्टिकोण देती है? और हमारे कर्म आने वाली पीढ़ियों को कैसे प्रभावित करते हैं? इस संपूर्ण कथा में श्री कृष्ण के विराट रूप, अर्जुन की शरणागति, पितृपक्ष की परंपरा, श्राद्ध, तर्पण, कृतज्ञता, कर्म और आत्मचिंतन को सरल और भावपूर्ण तरीके से समझाया गया है। श्रद्धा से सुनें, मन को शांत करें और भगवान श्री कृष्ण का स्मरण करें। ओम नमो भगवते वासुदेवाय। #पितृपक्ष, #PitruPaksha2026, #गीता, #भगवद्गीता, #गीता11वांअध्याय, #विश्वरूपदर्शनयोग, #श्रीकृष्ण, #Krishna, #GeetaSuno, #पितृ, #पितृमोक्ष, #श्राद्ध, #तर्पण, #सनातनधर्म, #KrishnaVani, #BhagavadGita, #HinduDharma, #Spirituality, #GeetaSaar