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मीडिया का लोकतंत्र और रात का रिपोर्टर

Ravish Kumar Official

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मीडिया का लोकतंत्र और रात का रिपोर्टर

672 050 просмотров · 2 г. назад
Ravish Kumar Official
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मीडिया के कई ख़राब दौर रहे हैं। भारत में मीडिया का यह दौर केवल ख़राब नहीं, ख़तरनाक दौर है। हम ख़राब मीडिया का नहीं, ख़तरनाक मीडिया का सामना कर रहे हैं। ज़रूरी है कि इसे जानने और समझने की तैयारी की जाए। विनीत कुमार की किताब उसी तैयारी की किताब है। मीडिया का लोकतंत्र जिस दिन लांच हुई, ठीक उससे पहले निर्मल वर्मा की रचना रात का रिपोर्टर का पाठ उसी जगह पर कर रहा था। संयोग ऐसा रहा कि दोनों किताब एक दूसरे के अनुपूरक से बन रहे थे। निर्मल वर्मा की रेलगाड़ी के पीछे विनीत कुमार की मालगाड़ी भी धीरे-धीरे चली आ रही है। आशा है आप इस वीडियो को देखेंगे और आज के मीडिया से सावधान होने से पहले उसे समझने की तैयारी शुरू कर देंगे। दोनों ही किताबें राजकमल प्रकाशन से आई हैं। Join this channel to get access to perks:    / @ravishkumar.official   Disclaimer: The owners reserve the right to any corrections that may be needed to be made to the translated subtitles. Please write to us in the comments in case of any errors.