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🚩 रामलीला सप्तम दिवस: शूर्पणखा नासिका छेदन और भव्य सीता हरण मंचन! | रामलीला कमेटी इग्यार देवी

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🚩 रामलीला सप्तम दिवस: शूर्पणखा नासिका छेदन और भव्य सीता हरण मंचन! | रामलीला कमेटी इग्यार देवी

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वीडियो के मुख्य आकर्षण: ✨ पंचवटी में शूर्पणखा का आगमन और रूप बदलना ✨ वीर लक्ष्मण जी द्वारा शूर्पणखा की नाक-कान काटना ✨ क्रोधित होकर राक्षस राज खर और दूषण का अपनी विशाल सेना के साथ आक्रमण ✨ प्रभु श्री रामचंद्र जी द्वारा अकेले ही खर-दूषण और उनकी 14 हजार राक्षसी सेना का संहार आप सभी रामभक्तों और दर्शकों से विनम्र निवेदन है कि प्रभु की इस पावन लीला को पूरा देखें और कमेंट बॉक्स में 'जय श्री राम' लिखकर हमारे स्थानीय कलाकारों और रामलीला कमेटी का उत्साहवर्धन करें। अगर आपको यह अद्भुत प्रस्तुति पसंद आए, तो वीडियो को लाइक करें, दोस्तों के साथ शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें! 🚩 #रामलीला #Ramleela #शूर्पणखा #खरदूषणवध #लक्ष्मण #जयश्रीराम #सीताहरण #रामायण #SanatanDharma #TrendingRamleela" 🚩 रामलीला सप्तम दिवस: शूर्पणखा नासिका छेदन और भव्य सीता हरण मंचन! | रामलीला कमेटी इग्यार देवी आज के मुख्य प्रसंग: ✨ शूर्पणखा नासिक छेदन (नाक काटना) ✨ खर-दूषण वध ✨ कपटपूर्वक सीता हरण ✨ जटायु-रावण भीषण युद्ध आप सभी धर्मप्रेमी भाई-बहनों और समस्त देवतुल्य जनता से विनम्र निवेदन है कि अधिक से अधिक संख्या में पधारकर या इस वीडियो के माध्यम से प्रभु की लीला का आनंद लें। मंच पर अभिनय कर रहे स्थानीय पात्र कलाकारों और रामलीला कमेटी का उत्साहवर्धन करने के लिए इस वीडियो को लाइक, शेयर और कमेंट ज़रूर करें। आपका एक लाइक हमारे कलाकारों का हौसला बढ़ाता है! #रामलीला #Ramleela #जयश्रीराम #इग्यारदेवी #सीताहरण #शूर्पणखा #जटायुरावणयुद्ध #SanatanDharma" • सुवर्णरेखा' या 'स्वर्णरेखा' का अर्थ होता है "सोने की रेखा"। ऐसा माना जाता है कि प्राचीन काल में इसके उद्गम स्थल के पास सोने का खनन होता था और आज भी इसके रेतीले तल में सोने के छोटे-छोटे चमकदार कण पाए जाते हैं, जिन्हें स्थानीय लोग छानते हैं। • उद्गम (Origin): यह नदी झारखंड की राजधानी रांची के पास स्थित नगड़ी गांव (रानी चुआं नामक ऐतिहासिक स्थान) से छोटा नागपुर पठार से निकलती है। • लंबाई और मार्ग (Length & Course): इसकी कुल लंबाई लगभग 395 किमी से 474 किमी के बीच है। यह मुख्यतः तीन राज्यों—झारखंड, पश्चिम बंगाल (लगभग 83 किमी) और ओडिशा (लगभग 79 किमी) से होकर स्वतंत्र रूप से बहती है। • मुहाना (Mouth): यह किसी अन्य नदी की सहायक नदी नहीं है। यह सीधे ओडिशा के बालेश्वर जिले में कीर्तनिया पोर्ट (तालीसारी) के पास बंगाल की खाड़ी में विलीन हो जाती है। • मुख्य सहायक नदियाँ (Tributaries): खरकई (जो जमशेदपुर के दोमुहानी में मिलती है), कांची, करकरी, रोरो, हरमू और डुलुंगा इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ हैं। • प्रमुख आकर्षण व बाँध: इसके मार्ग में झारखंड का प्रसिद्ध हुंडरू जलप्रपात (Hundru Falls - जहाँ पानी लगभग 74-98 मीटर की ऊंचाई से गिरता है) स्थित है। इस पर चांडिल बांध, गेतलसूद जलाशय और गालूडीह बैराज जैसी महत्वपूर्ण जल परियोजनाएं बनी हैं।