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geeta ke dusre adhyay ka 12 va shlok यह परिस्थिति हमेशा नहीं रहने वाली

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geeta ke dusre adhyay ka 12 va shlok यह परिस्थिति हमेशा नहीं रहने वाली

15 просмотров · 11 дней назад
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geeta ke dusre adhyay ka 12 va shlok यह परिस्थिति हमेशा नहीं रहने वाली नमस्कार दोस्तों। आज की इस वीडियो में हम आपको श्रीमद्भगवद्गीता के दूसरे अध्याय के 12वें श्लोक के बारे में बताएंगे। यह श्लोक बहुत ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें भगवान श्रीकृष्ण ने आत्मा के अस्तित्व और उसकी निरंतरता के बारे में बताया है। अगर हम इस श्लोक को केवल पढ़ लें, तो शायद हमें इसका महत्व पूरी तरह समझ में न आए। लेकिन अगर हम इस श्लोक के अर्थ को अपने जीवन से जोड़कर समझें, तो यह हमारी सोच को बदल सकता है। इसलिए इस वीडियो को आखिर तक जरूर देखिए, क्योंकि वीडियो के अंत में हम आपको बताएंगे कि इस श्लोक की सीख को अपने दैनिक जीवन में कैसे अपनाया जा सकता है। तो चलिए सबसे पहले जानते हैं भगवान श्रीकृष्ण द्वारा बताए गए इस श्लोक के बारे में।