Перейти к содержимому

।।जो मोहि राम लागते मीठे श्री श्री 1008 श्री स्वामी सच्चिदानंद जी महाराजजी केश्री मुख से अमृत वचन।।

ParamhansDarbar परमहंस दरबार

0:00 / 0:00

।।जो मोहि राम लागते मीठे श्री श्री 1008 श्री स्वामी सच्चिदानंद जी महाराजजी केश्री मुख से अमृत वचन।।

140 просмотров · 9 ч назад
ParamhansDarbar परमहंस दरबार
7,39 тыс. подписчиков
140 просмотров · 9 ч назад
जो मोहि राम लागते मीठे। तौ नवरस, षटरस-रस अनरस ह्वै जाते सब सीठे॥१॥ बंचक बिषय बिबिध तनु धरि अनुभवे, सुने अरु डीठे। यह जानत हौं हृदय आपने सपने न अघाइ उबीठे॥२॥ तुलसीदास प्रभु सो एकहिं बल बचन कहत अति ढीठे। नामकी लाज राम करुनाकर केहि न दिये कर चीठे॥३॥