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UPSC शताब्दी समारोह में गरजे PM Modi! | "AI युग में बदलेंगे UPSC परीक्षा के नियम!"

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UPSC शताब्दी समारोह में गरजे PM Modi! | "AI युग में बदलेंगे UPSC परीक्षा के नियम!"

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नई दिल्ली के भारत मंडपम में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के 100 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिविल सेवाओं और परीक्षा प्रणाली में सुधारों को लेकर बड़ा रोडमैप पेश किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गुड गवर्नेंस का मतलब है— सरकार का 'अभाव', 'दबाव' और 'अनावश्यक प्रभाव' न होना। उन्होंने परीक्षाओं में लगने वाले समय को कम करने (Time Certainty) पर विशेष जोर दिया और परीक्षा साइकिल को 100 दिन कम करने के लिए UPSC को बधाई दी। पीएम मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंफोर्मेशन वॉर और डीपफेक के दौर में सिविल सर्वेंट्स की नई चुनौतियों का जिक्र किया। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि 1952 में सिविल सेवाओं में महिलाओं की संख्या केवल 3% थी, जो आज बढ़कर 30% से अधिक हो चुकी है। देखिए पीएम नरेंद्र मोदी के इस ऐतिहासिक और प्रेरणादायक भाषण का पूरा विश्लेषण! #PMModi #UPSC #UPSCCentenary #BharatMandapam #CivilServices #UPSCReforms #GoodGovernance #AIEra #MissionKarmayogi #HindiNews #LatestNews #PMModiSpeech 📌 टाइमस्टैम्प्स (Video Chapters): 0:00 - गुड गवर्नेंस की नई परिभाषा: न दबाव, न अभाव, न अनावश्यक प्रभाव 1:28 - AI, डीपफेक और इंफोर्मेशन वॉर: 21वीं सदी में सिविल सर्वेंट्स की नई चुनौतियां 2:44 - परीक्षा में देरी युवाओं पर बोझ! UPSC एग्जाम साइकिल छोटी करने पर जोर 4:44 - राज्यों के PSCs और इंटरनेशनल बेस्ट प्रैक्टिसेस से सीखें 7:07 - मिशन कर्मयोगी और iGOT प्लेटफॉर्म से कैपेसिटी बिल्डिंग 8:15 - गांवों-कस्बों के युवाओं का दबदबा और महिलाओं की 30% से अधिक भागीदारी 10:04 - 1976 की तुलना में 45 गुना बढ़ा टैलेंट पूल: UPSC की विश्वसनीयता पर पीएम मोदी