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मुखड़ा क्या देखे दर्पण में, बंदे मन को देख ज़रा

marwadi bhakti ras

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मुखड़ा क्या देखे दर्पण में, बंदे मन को देख ज़रा

1 643 просмотра · 10 дн. назад
marwadi bhakti ras
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Description मुखड़ा क्या देखे दर्पण में, बंदे मन को देख ज़रा — यह भावपूर्ण कबीर भजन इंसान को बाहर की सुंदरता नहीं, बल्कि अपने भीतर के मन को देखने की सीख देता है। दर्पण में हम अपना चेहरा देखते हैं, लेकिन क्या कभी अपने मन को देखा है? इस भजन का संदेश इसी आत्मचिंतन से जुड़ा है — मन का मैल, माया, झूठा संसार, बदलता शरीर और जीवन की नश्वरता। “मन का मैल न धोया तूने, जीवन बीता सारा।” यह पंक्ति हमें याद दिलाती है कि केवल बाहरी रूप, साफ कपड़े और संसार की चमक-दमक पर्याप्त नहीं है। असली सफाई भीतर के मन की है। कबीर की वाणी इसी आंतरिक जागृति, सतगुरु की शरण और आत्मचिंतन की ओर संकेत करती है। इस कबीर भजन में मनुष्य के जीवन की सच्चाई को सरल और भावपूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया गया है। भजन हमें सोचने पर मजबूर करता है कि हम संसार की माया में कितना उलझे हैं और अपने भीतर झाँकने के लिए कितना समय निकालते हैं। अगर आपको कबीर भजन, मारवाड़ी भजन, सतगुरु भजन, निर्गुण भजन, भक्ति गीत और आध्यात्मिक भजन पसंद हैं, तो इस भजन को पूरे मन से सुनिए। 🙏 भजन अच्छा लगे तो Like जरूर करें। 💬 Comment में लिखें — “मन को देख ज़रा” 🔔 Marwadi Bhakti Ras को Subscribe करें और ऐसे ही भावपूर्ण भजनों से जुड़े रहें। 📤 इस भजन को अपने परिवार और भक्ति-प्रेमी मित्रों के साथ Share करें। भजन का मुख्य संदेश: बाहरी रूप को सँवारने से पहले अपने मन को सँवारना जरूरी है। जीवन क्षणभंगुर है, इसलिए मन को भक्ति, सत्य और आत्मचिंतन की ओर लगाना ही सार्थक जीवन की राह है। Channel: Marwadi Bhakti Ras Content: Kabir Bhajan | Marwadi Bhajan | Nirgun Bhajan | Satguru Bhajan | Hindi Devotional Bhajan #कबीरभजन #मारवाड़ीभजन #भक्तिभजन #निर्गुणभजन #सतगुरुभजन