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Kathin Hai Rah Gujar Thodi Door Saath Chalo - Sung by Ghulam Ali

World of Ghazals - All Time Old Classics

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Kathin Hai Rah Gujar Thodi Door Saath Chalo - Sung by Ghulam Ali

15 774 просмотра · 6 лет назад
World of Ghazals - All Time Old Classics
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Written by Ahmad Faraz कठिन है राहगुज़र थोड़ी दूर साथ चलो बहुत कड़ा है सफ़र थोड़ी दूर साथ चलो तमाम उम्र कहाँ कोई साथ देता है ये जानता हूँ मगर थोड़ी दूर साथ चलो नशे में चूर हूँ मैं भी तुम्हें भी होश नहीं बड़ा मज़ा हो अगर थोड़ी दूर साथ चलो ये एक शब की मुलाक़ात भी ग़नीमत है किसे है कल की ख़बर थोड़ी दूर साथ चलो अभी तो जाग रहे हैं चराग़ राहों के अभी है दूर सहर थोड़ी दूर साथ चलो तवाफ़-ए-मंज़िल-ए-जानाँ हमें भी करना है 'फ़राज़' तुम भी अगर थोड़ी दूर साथ चलो