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#दूसरा #विवाह किसे करना चाहिए, पहले विवाह में परेशानी का कारण, #second#marriage#prediction#astrology

नक्षत्र तक

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#दूसरा #विवाह किसे करना चाहिए, पहले विवाह में परेशानी का कारण, #second#marriage#prediction#astrology

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NAKSHTRA TAK – Authentic Vedic Astrology & Jyotish Education Welcome to NAKSHTRA TAK, a dedicated channel for authentic Vedic Astrology (Jyotish Shastra) based on classical principles, practical application, and real-life prediction techniques. #दूसरा #विवाह किसे करना चाहिए, पहले विवाह में परेशानी का कारण, #second#marriage#prediction#astrology This channel is created for those who want: • Accurate horoscope analysis • Serious astrology learning • Professional-level Jyotish guidance • Practical remedies rooted in Vedic tradition #वैदिक #ज्योतिष (Vedic Astrology) और जैमिनी ज्योतिष (Jaimini #Astrology) में #उपपद लग्न (Upapada Lagna - UL) #वैवाहिक सुख, रिश्ते की स्थिरता और #जीवनसाथी के भविष्य का #विश्लेषण करने का एक अत्यंत महत्वपूर्ण आधार है。#उपपद #लग्न और दूसरे विवाह का विश्लेषणउपपद लग्न से दूसरे #विवाह या दूसरे दीर्घकालिक रिश्ते को समझने के लिए निम्नलिखित बिंदुओं का विचार प्रमुखता से किया जाता है:आठवां भाव (8th House): उपपद लग्न से ठीक आठवां भाव (8th House from UL) दूसरे विवाह (Second Marriage) या दूसरे गंभीर रिश्ते (Second long-term relationship) को दर्शाता है。प्रभाव और स्थिति: यदि उपपद लग्न के दूसरे भाव (2nd house from UL) में कोई पापी ग्रह (जैसे- राहु, केतु, शनि या मंगल) उपस्थित हो या उसकी दृष्टि हो, तो यह पहले विवाह में अलगाव (विच्छेद या तलाक) या वैवाहिक बंधन के टूटने की संभावना पैदा करता है。एक से अधिक संबंध: उपपद लग्न के 7वें या अन्य घरों में कुछ विशेष ग्रहों की युति (जैसे शुक्र और केतु का संबंध) एक से अधिक रिश्तों (Multiple Relationships) की ओर इशारा कर सकती है。विवाह की अनुकूलता की जाँचउपपद लग्न से केवल दूसरा विवाह ही नहीं, बल्कि रिश्ते की गुणवत्ता का भी पता चलता है:शुभ ग्रहों का प्रभाव: यदि उपपद लग्न या इसके दूसरे भाव में शुभ ग्रह (जैसे बृहस्पति, बुध, शुक्र या चंद्रमा) हों, तो यह विवाह की मजबूती और मधुरता को दर्शाते हैं。दशा का महत्व: जब व्यक्ति की कुंडली में दारकारका (Darakaraka) या उपपद लग्न से जुड़े ग्रहों की महादशा या अंतर्दशा सक्रिय होती है, तब जीवन में नए रिश्ते (विवाह) के प्रवेश का योग बनता है