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अभिशाप भी कभी-कभी वरदान साबित होता है । Even a curse can sometimes be a blessing । Sri Sri Thakur।

DS VISION

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अभिशाप भी कभी-कभी वरदान साबित होता है । Even a curse can sometimes be a blessing । Sri Sri Thakur।

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अभिशाप भी कभी-कभी वरदान साबित होता है । Even a curse can sometimes be a blessing । श्री श्री ठाकुर अनुकूलचंद्र जी का जन्म 14 सितंबर 1888 को तत्कालीन ब्रिटिश भारत के पावना जिले के हिमायतपुर ग्राम अब बांग्लादेश में हुआ था। आपके पिता श्री शिबचंद्र चक्रवर्ती एक शिक्षित और धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति थे तथा माता श्रीमती मनमोहीनी देवी अत्यंत श्रद्धालु करुणामयी और संस्कारवान थीं। बाल्यकाल से ही ठाकुर जी में अद्भुत करुणा निरीक्षण शक्ति और सेवा-भाव था। कलकत्ता मेडिकल कॉलेज से शिक्षा प्राप्त कर उन्होंने चिकित्सक के रूप में सेवा प्रारंभ की किंतु शीघ्र ही उनका जीवन मानवता की व्यापक सेवा के लिए समर्पित हो गया। इसी सेवा-संवेदना से जन्म हुआ सत्संग आंदोलन का — जो आत्मोन्नति प्रेम संयम और ईश्वर से जीवंत संबंध पर आधारित था।हिमायतपुर स्थित उनका निवास-स्थान धीरे-धीरे साधकों का तीर्थ बन गया था वहीं उन्होंने अपने गुरुदेव सत्संग आंदोलन की स्थापना की — जो मानव निर्माण जीवन संस्कार और ईश्वर से सजीव संबंध पर आधारित था।पावना में उनका आश्रम हजारों लाखों भक्तों का आध्यात्मिक केंद्र बन गया था।1930 से 1940 के दशक तक पावना का सत्संग आश्रम बंगाल और बिहार क्षेत्र में अध्यात्म, समाज-सुधार और मानव निर्माण का केंद्र बन चुका था।हजारों लोग ठाकुर जी से दीक्षा लेकर अपने जीवन में अनुशासन, सेवा और सदाचार को अपनाने लगे थे सत्संग का संदेश था—मानुष बनो मानुष रहो मानुष को मानुष बनाओ सामाजिक परिवर्तन का नारा बन गया। 1940 के दशक में भारत में हिन्दू–मुस्लिम तनाव के बीच ठाकुर जी का आंदोलन किसी धर्म या संप्रदाय तक सीमित नहीं था फिर भी कुछ कट्टर तत्वों को यह स्वीकार नहीं था कि उनके अनुयायी हिन्दू मुसलमान सिख ईसाई — सब मिलकर एक मानव के रूप में संगठित हो रहे थे। इस कारण कुछ गुट ठाकुर जी और सत्संग के विरोधी बन गए थे । 1946–47 में जब भारत के विभाजन की घोषणा हुई तब पूर्वी बंगाल पूर्वी पाकिस्तान में चला गया। यह क्षेत्र मुसलमान बहुल था और स्वतंत्रता के तुरंत बाद वहाँ हिन्दू अल्पसंख्यकों पर अत्याचार और दमन की घटनाएँ होने लगीं। हिमायतपुर में स्थित ठाकुर जी का आश्रम भी इन परिस्थितियों से अछूता नहीं रहा। पावना का मुख्य आश्रम भवन और संपत्ति पाकिस्तान सरकार के कब्जे में चली गई। आज भी वहाँ कुछ स्थल ठाकुर अनुकूलचंद्र पावना आश्रम के नाम से विद्यमान हैं जहाँ स्थानीय भक्त उनकी स्मृति का संवर्धन कर रहे हैं। स्थान बदल जाने से सत्संग नहीं मिटेगा जहाँ मनुष्यता होगी वहीं सत्संग फलेगा। इस प्रकार ठाकुर जी अपने अनेक भक्तों के साथ सीमापार कर देवघर (तत्कालीन बिहार वर्तमान झारखण्ड) पहुँचे।यह स्थल धार्मिक दृष्टि से प्रसिद्ध और शांत वातावरण वाला था इसलिए उन्होंने यहीं सत्संग देवघर की स्थापना की पावना में स्थित ठाकुर जी का विशाल आश्रम भूमि और भवन विभाजन के बाद पाकिस्तान सरकार के अधिकार क्षेत्र में आ गए। ठाकुर जी का कहना था स्थान से अधिक सिद्धांत की परिपक्वता और मानव सेवा की साधना थी ।ठाकुर जी ने इस घटना को कभी हानि नहीं माना।उनका कहना था —सत्य और धर्म किसी भूमि से बंधे नहीं हैं।जहाँ मानवता है वहीं मेरा देश है। उनका सत्संग तो एक सार्वभौमिक मानव आंदोलन था जो आज भी सीमाओं से परे जीवित है।जो भावधारा पावना के हिमायतपुर से निकली थी देवघर में सत्संग का मुख्यालय आज उसी आत्मा को आगे बढ़ा रहा है एक उत्तर मे ठाकुर जी ने कहा । ध्रुव की सौतेली मां उनके पिता की प्रताड़ना की कहानी से पता चलता है आज भी आकाश में ध्रुव। तारे के रूप में जाने जाते हैं। प्रह्लाद राजा दशरथ राजा हरिश्चंद्र भगवान राम माता सीता लक्ष्मण देवव्रत इत्यादि अनेक हैं जिनके जीवन में अभिशाप भी वरदान साबित हुआ । श्री ठाकुर अनुकुलचंद्र जब पवना जिला को छोड़कर देवघर आए थे। वह एक तरह का अभिशाप ही था उस वक्त पावना में कहीं 10 करोड से ज्यादा की संपत्ति था और कहीं देवघर में सुनसान जंगल जहां आज सत्संग नगर स्थापित हुआ है। कर्म प्रधान विश्व करि राखा जो जस करहिं सो तस फल चाखा। आज करोड़ों अरबों लोगों का अनुकूल चंद्र जीवन का केंद्र बन चुके हैं। लोग उनको जीवन में पाकर धन्य धन्य हो रहे हैं। इस तरह का इतिहास हमारे भारतीय सभ्यता में पड़े हुए हैं। इससे यही पता चलता है कि अभिशाप भी कभी-कभी वरदान साबित होता है जय गुरु। Bhakti marg satsang deoghar satsang ashram deoghar anukul thakur ashram deoghar satsang deoghar live satsang ashram deoghar utsav deoghar satsang satsang ashram shree shree thakur deoghar utsav video satsang thakurbari satsang​ deoghar satsang vihar satsang deoghar songs satsang deoghar video श्री श्री ठाकुर अनुकूल चन्द्र जी deoghar anukul thakur ashram deoghar anukul thakur deoghar satsang ashram satsang ashram deoghar video today today's satsang ashram deoghar how to reach satsang deoghar satsang deoghar thakur bani ठाकुर अनुकूल shree shree thakur bani #bestmotivationalvideo #thakurbanihindi #thakurspeach #thakurbanigyanhindi #geetaanukul #thakuranukulupdesh #anukulgyan #thakuranukulgyan #anukulsaar #srisrithakuranukulsaar #suvicharthakuranukul #thakurslok