क्या आत्मा कभी जन्म लेती या मरती है? | गीता अध्याय 2 श्लोक 12 | साधक संजीवनी
Mission Van
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क्या आत्मा कभी जन्म लेती या मरती है? | गीता अध्याय 2 श्लोक 12 | साधक संजीवनी
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🙏 जय श्री कृष्ण 🚩
📖 साधक संजीवनी श्रीमद्भगवद्गीता
🕉️ अध्याय 2 | श्लोक 12
भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं—ऐसा कभी नहीं हुआ कि मैं नहीं था, तुम नहीं थे या ये सभी राजा नहीं थे; और ऐसा भी नहीं है कि आगे हम सब नहीं रहेंगे। 🕉️
इस श्लोक के माध्यम से श्रीकृष्ण आत्मा की नित्यता और अस्तित्व की निरंतरता की ओर संकेत करते हैं। यह अर्जुन के शोक को दूर करने वाले ज्ञान की महत्वपूर्ण कड़ी है। 📖✨
❓ क्या हमारा अस्तित्व केवल इस शरीर तक सीमित है?
❓ श्रीकृष्ण ने अर्जुन को नित्य अस्तित्व के बारे में क्या समझाया?
🎧 वीडियो को ध्यानपूर्वक सुनें और साधक संजीवनी की व्याख्या के माध्यम से श्लोक 12 के भाव को समझें।
🌺 यह मेरा व्यक्तिगत स्वाध्याय है।
मैं साधु, संत या आचार्य नहीं हूँ।
🙏 पूज्य रामसुखदास जी महाराज को नमन।
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🚩 जय श्री कृष्ण | श्रीकृष्णार्पणमस्तु 🚩
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