2200 साल पुरानी एक गलती ने कैसे खोला मौर्य प्रशासन का रहस्य?
The Story of India
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अशोक के तीन शिलालेखों में लगभग 2,200 साल पहले हुई एक गलती ने अनजाने में मौर्य साम्राज्य के सबसे रोचक रहस्यों में से एक को सुरक्षित रख लिया।
इस वीडियो में हम कर्नाटक के ब्रह्मगिरि, सिद्धापुर और जटिंगा-रामेश्वर के लघु शिलालेखों का अध्ययन करेंगे। इन शिलालेखों में सम्राट अशोक के संदेश के साथ गलती से एक प्रशासनिक निर्देश और चपड़ नामक लेखक का नाम भी पत्थर पर उत्कीर्ण हो गया।
लेकिन ऐसा कैसे हुआ? अशोक के संदेश को आगे पहुँचाने की जिम्मेदारी किसकी थी? और ये गलतियाँ हमें क्या बताती हैं कि पाटलिपुत्र से प्रांतीय शासकों, लिपिकारों और स्थानीय अधिकारियों होते हुए सम्राट का आदेश अंततः पत्थर पर उत्कीर्ण करने वाले कारीगरों तक कैसे पहुँचता था?
यह प्राचीन गलती हमें प्राचीन भारत के सबसे बड़े साम्राज्यों में से एक की प्रशासनिक व्यवस्था को करीब से समझने का एक दुर्लभ अवसर देती है।
Reference:-
● Hultzsch, Eugen. Inscriptions of Asoka. New Edition.
● Lahiri, Nayanjot. Ashoka.
● Thapar, Romila. Ashoka and the Decline of the Mauryas.
● Singh, Upinder. A History of Ancient and Early Medieval India: From the Stone Age to the 12th Century.
● Ashokan Minor Rock Edict of Brahmagiri — Karnataka Travel
( https://karnatakatravel.blogspot.com/... )
● Devanampiya Speaks Thus at Brahmagiri — Sanskrithi's Archive ( https://sanskrithisarchive.wordpress.... )
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