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सावन में कावड़ का महत्व#podcast shoot with Maharaj Eknath ji #viralvideo #podcast

astrologernidhiaggarwal и Eknath Guru Ji

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सावन में कावड़ का महत्व#podcast shoot with Maharaj Eknath ji #viralvideo #podcast

2 432 просмотра · 1 месяц назад
astrologernidhiaggarwal и Eknath Guru Ji
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मुख्य धार्मिक और आध्यात्मिक महत्वशिव की प्रसन्नता: मान्यता है कि सावन मास भोलेनाथ को अत्यंत प्रिय है और इस दौरान गंगाजल से शिवलिंग का जलाभिषेक करने से भगवान शिव अति शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं।विषपान की कथा: पौराणिक कथाओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान शिवजी ने हलाहल विष पिया था। सावन में कांवड़ से गंगाजल लाकर जलाभिषेक करने से उस विष की उष्णता और प्रभाव को शांत किया जाता है।कठोर तप और अनुशासन: यह यात्रा सिर्फ एक पदयात्रा नहीं, बल्कि शारीरिक और मानसिक संयम की एक बड़ी तपस्या है। भक्त नंगे पांव चलकर, बिना कांवड़ को जमीन पर रखे अनुशासन का पालन करते हैं। 1. डाक कावड़ ले जाते हैं 7:10 to 7:30 2. पहले बार कावड़ उठा रहे हैं तो ध्यान दें 7:37: to 9:00 3. कावड़ में नंगे पैर चलते हैं 10:30 to 11:7 4. शिवा गंगा जल से ही क्यों खुश होते हैं 12:16 :to 13 :20 5. पुरुष की कावड़ उठाते हैं 11:15: 11:55