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र्थेऽपीति चेत् ॥ ४।२। १२॥ (आ०) द्वितीया विभक्ति और गुणभाव विमर्श - प्रस्तर और शाखा का व्याकरणिक भेद

विद्यावाहिनी

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र्थेऽपीति चेत् ॥ ४।२। १२॥ (आ०) द्वितीया विभक्ति और गुणभाव विमर्श - प्रस्तर और शाखा का व्याकरणिक भेद

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विद्यावाहिनी
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र्थेऽपीति चेत् ॥ ४।२। १२॥ (आ०) द्वितीया विभक्ति और गुणभाव विमर्श - प्रस्तर और शाखा का व्याकरणिक भेद