KOLHAPURI: चप्पल नहीं, आंखों का 'इलाज' है! डॉक्टर भी पहनते हैं असली कोल्हापुरी, जानिए पहचान
Gaon Junction
0:00 / 0:00
KOLHAPURI: चप्पल नहीं, आंखों का 'इलाज' है! डॉक्टर भी पहनते हैं असली कोल्हापुरी, जानिए पहचान
3 976 просмотров · 11 месяцев назад
Gaon Junction
552 тыс. подписчиков
3 976 просмотров · 11 месяцев назад
#GaonJunctionLIVE #KolhapuriChappal #TraditionalArt #Handmade #LeatherCraft #Kolhapur #IndianHandicraft #SustainableFashion #VillageBusiness #HandmadeShoes
पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलती कोल्हापुरी चप्पल बनाने की परंपरा आज भी उतनी ही लोकप्रिय है। पूरी तरह हाथ से बनी ये चप्पलें टिकाऊ, आरामदायक और 7 साल तक चलने वाली होती हैं। हर डिज़ाइन में बारीकी, मेहनत और असली लेदर की खुशबू झलकती है। इस कला से जुड़े परिवार हर महीने सैकड़ों चप्पल बनाते हैं और लाखों की आमदनी अर्जित करते हैं। फैशन ट्रेंड बदलते रहे, लेकिन असली कोल्हापुरी की डिमांड कभी कम नहीं हुई।
गांव जंक्शन के लिए स्नेहलता शुक्ला की रिपोर्ट....
..........................................................
HIGHLIGHTS
पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलती कोल्हापुरी चप्पल की पारंपरिक कला
पूरी स्टिचिंग और वेनी हाथ से, टिकाऊ और आरामदायक
कीमत 1,300–15,000 रुपये, डिजाइन और मेहनत पर निर्भर
महीने में 800–900 चप्पल बनती हैं, सभी बिकती हैं
कोल्हापुरी चप्पल सालाना 5–7 लाख रुपये की आमदनी
7 साल की गारंटी, वेनी की खुशबू है असली कोल्हापुरी की पहचान
........................................................
WATCH MORE SUCH VIDEOS:
• पहाड़ी उत्पादों की दिल्ली में धूम: पिथौराग...
• गांव की रसोई से शहरों तक: मिलेट डोसा-इडली ...
• 3 महिलाओं से शुरू किया Business, अब घर बैठ...
• राजस्थान की बेमिसाल बणी-ठणी आर्ट: 18वीं सद...
Connect With Us on:
Twitter: / gaonjunctionofc
Facebook: / gaonjunctionofficial
Instagram: / gaonjunctionofc
LinkedIn: / gaon-junction-1ab77229b