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08-10-26(खण्ड-1,काव्य-2,व्याख्या-,32-1)तप से क्या क्या मिलता है.पू.श्री १०८सारस्वत सागर जी महाराज जी

SHREE JINDESHNA

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08-10-26(खण्ड-1,काव्य-2,व्याख्या-,32-1)तप से क्या क्या मिलता है.पू.श्री १०८सारस्वत सागर जी महाराज जी

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श्री जिनदेशना वर्षायोग-२०२६ गल्ली नं ०४ जयसिंगपूर, जि. कोल्हापूर (महाराष्ट्र) भव्य मंगल कलश स्थापना..28/07/2027 चर्याशिरोमणी अध्यात्म योगी पट्टाचार्य गुरूदेव श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराजी के पावन आशिष से गुरुवर्य के आज्ञानुवर्ती शिष्य श्रमण मुनी श्री १०८ सारस्वत सागरजी, युवा हृदय सम्राट श्रमण श्री १०८ जयंत सागरजी, शांतमूर्ती श्रमण श्री १०८सिद्ध सागरजी महाराज संघ का धर्मनगरी श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर,चौथी गली, जयसिंगपुर,(महाराष्ट्र) में विराजमान है...