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औरतों के हक़ की लड़ाई से पुरुषों के दर्द तक - SAVITA ARYA | EKAM NYAAY SHOW

Deepika Narayan Bhardwaj

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औरतों के हक़ की लड़ाई से पुरुषों के दर्द तक - SAVITA ARYA | EKAM NYAAY SHOW

3 085 просмотров · 22 ч назад
Deepika Narayan Bhardwaj
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क्या न्याय की लड़ाई किसी एक gender तक सीमित हो सकती है? कानूनों का एक तरफा होना कितना जायज़ है? इस खास बातचीत में Savita Arya से बात हुई महिलाओं के अधिकारों, पुरुषों के खिलाफ झूठे आरोपों, कानून के दुरुपयोग और उन लोगों के बारे में जो आरोपों और कानूनी लड़ाई के बीच अपनी ज़िंदगी खोने की कगार पर पहुँच जाते हैं। Savita Arya लंबे समय से महिलाओं के मुद्दों पर आवाज़ उठाती रही हैं, लेकिन साथ ही उन पुरुषों के लिए भी खड़ी हुई हैं जो झूठे आरोपों या गलत तरीके से इस्तेमाल किए गए कानूनों के कारण पीड़ित हुए हैं। इस बातचीत में हमने बात की: • महिलाओं और पुरुषों—दोनों के लिए न्याय की आवश्यकता • झूठे आरोपों और उनके सामाजिक एवं कानूनी प्रभाव • कानून के दुरुपयोग और उसके वास्तविक पीड़ित • क्या Gender-neutral justice की ज़रूरत है? • पुरुषों के दर्द और उनकी अनसुनी कहानियाँ • महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करते हुए निर्दोष पुरुषों के अधिकार कैसे सुरक्षित रहें • और क्यों न्याय का आधार gender नहीं, बल्कि facts और fairness होना चाहिए यह बातचीत किसी gender के खिलाफ नहीं, बल्कि न्याय, निष्पक्षता और उन सभी लोगों की आवाज़ के बारे में है जिन्हें सच में मदद की आवश्यकता है। अगर आपको लगता है कि न्याय सबके लिए समान होना चाहिए, तो इस बातचीत को आगे ज़रूर साझा करें। #SavitaArya #DeepikaBhardwaj #GenderNeutralJustice #FalseCases #MensRights #WomensRights #JusticeForAll #EkamNyaay